
नेशनल डेस्क : गूगल इंडिया के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर थोटा ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के एसवी प्राणदान ट्रस्ट को एक करोड़ रुपये का बड़ा दान दिया है। यह दान उन्होंने गुरुवार को मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीआर नायडू को चेक के रूप में सौंपा। TTD अधिकारियों ने इस मौके पर चंद्रशेखर के इस योगदान की खुले दिल से सराहना की।चंद्रशेखर थोटा पहले भी कई बार तिरुपति में दर्शन करने और दान देने आ चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी राशि का दान उन्होंने पहली बार किया है। इसलिए उनका यह कदम न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि अब देशभर में चर्चा का विषय भी है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
क्या है SV प्राणदान ट्रस्ट?
आपको बता दें कि SV प्राणदान ट्रस्ट (SV Pranadana Trust) तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा संचालित एक चिकित्सा सहायता ट्रस्ट है। इसका उद्देश्य है गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं और सर्जरी की सुविधा देना। चंद्रशेखर थोटा द्वारा दिया गया दान सीधे मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
दुनिया का सबसे अमीर मंदिर ट्रस्ट… तिरुपति मंदिर
हालांकि, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को दुनिया का सबसे समृद्ध मंदिर ट्रस्ट माना जाता है। 2024 में ट्रस्ट ने 1161 करोड़ रुपये की एफडी कराई, जो अब तक की सबसे बड़ी फिक्स्ड डिपॉजिट है। ट्रस्ट के पास अब कुल 13,287 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक एफडी जमा है। मंदिर को हर साल लगभग एक टन सोना दान में मिलता है। बीते 12 वर्षों से ट्रस्ट हर साल 500 करोड़ या उससे अधिक की राशि जमा करता आ रहा है। इन आंकड़ों के कारण तिरुपति ट्रस्ट को दुनिया में धार्मिक आस्था और वित्तीय पारदर्शिता दोनों का प्रतीक माना जाता है।

तिरुपति मंदिर का इतिहास और महत्व
दरअसल, तिरुपति मंदिर, जिसे वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर भी कहा जाता है, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। यह मंदिर सेशाचलम पर्वतमाला की पहाड़ियों पर तिरुमाला में स्थित है। मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में राजा तोंडमन द्वारा करवाया गया था। इसकी प्राण-प्रतिष्ठा 11वीं सदी में संत रामानुजाचार्य ने की थी। यह मंदिर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और सबसे व्यस्त तीर्थ स्थलों में से एक है। हर साल करोड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन, दान और आध्यात्मिक शांति के लिए आते हैं।
आस्था और सेवा का अद्भुत मेल
चंद्रशेखर थोटा द्वारा किया गया यह दान सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि प्रभावशाली लोग समाज और मानव सेवा में कैसे योगदान दे सकते हैं। तिरुपति जैसे प्रतिष्ठित मंदिर को दिया गया यह दान हजारों जरूरतमंदों की जान बचाने में मददगार साबित होगा।