
नेशनल डेस्क : विजय माल्या ने हालिया में एक पॉडकास्ट में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने बैंको के सारे कर्ज जमा कर दिए है, पर भारतीय बैंके और सरकार ने उनके इस बयान को पूरी तरह से गलत बताया है और इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
माल्या का दावा निराधार और भ्रामक
दरअसल, विजय माल्या ने कहा था कि उन्होंने बैंकों को 14,131.60 करोड़ रुपये चुका दिए हैं, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज की राशि 6,203 करोड़ रुपये थी, जिसमें 1,200 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि माल्या का दावा निराधार और भ्रामक है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि बैंकों ने माल्या की संपत्तियों की बिक्री से 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली की है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय में मामला
आपको बता दें कि विजय माल्या ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बैंकों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने 6,203 करोड़ रुपये के मूलधन और ब्याज के मुकाबले 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली कैसे की। माल्या का कहना है कि यदि बैंकों के पास इस अतिरिक्त राशि की वसूली का कानूनी आधार नहीं है, तो उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई
माल्या के खिलाफ भारत में धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले चल रहे हैं। ब्रिटेन की अदालत ने 2018 में उनकी प्रत्यर्पण याचिका मंजूर की थी, लेकिन माल्या ने उच्चतम न्यायालय में अपील की है, जो अभी लंबित है। वर्तमान में, भारतीय सरकार और बैंक माल्या की संपत्तियों की वसूली और कानूनी कार्रवाई के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।