नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार ने रक्षाबंधन से ठीक पहले देश की करोड़ों माताओं और बहनों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 12,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला लिया गया।
देश के 10.33 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा
इस फैसले से देश के 10.33 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा। योजना के तहत 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी साल में अधिकतम 9 सिलेंडर (और 5 किलो के सिलेंडर पर अनुपातिक रूप से) तक मिलेगी। सरकार ने बताया कि इस फैसले पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
क्या है उज्ज्वला योजना?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी। इसका मकसद गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन देना है, ताकि वे धुएं रहित और सुरक्षित ईंधन से खाना बना सकें। 1 जुलाई 2025 तक देश में लगभग 10.33 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन हो चुके हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उज्ज्वला योजना को दुनिया भर में समावेशी विकास के लिए सराहा गया है और यह योजना लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है।
सड़क परियोजना को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने तमिलनाडु में मरक्कनम से पुडुचेरी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन में बदलने की मंजूरी भी दे दी है। यह काम लगभग 46 किलोमीटर के हिस्से पर होगा और इस पर 2,157 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल इस मार्ग पर केवल 2 लेन हैं, जिससे भारी ट्रैफिक, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में, जाम की समस्या पैदा होती है। अपग्रेड होने के बाद यह मार्ग चेन्नई, पुडुचेरी, विलुप्पुरम और नागपट्टिनम के बीच तेज और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा।

