नेशनल डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, आदि दलों का गठबंधन) को एक बड़ा झटका लगा है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने ऐलान किया है कि वह बिहार का चुनाव अकेले लड़ेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा है कि अब वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी और बिहार की 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी के महासचिव सुप्रीमो भट्टाचार्य ने कहा कि यह फैसला लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।
इन सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई।
महागठबंधन से नाराज थी JMM
सूत्रों के अनुसार, जेएमएम पिछले कई हफ्तों से महागठबंधन में उचित सम्मान और सीटों की मांग कर रही थी। पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह चुनाव लड़ेगी, लेकिन उसे उचित सीटों का बंटवारा नहीं मिला। कई दौर की बैठकों के बावजूद सीटों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद पार्टी ने अलग राह चुनने का निर्णय लिया।
झारखंड में भी होगी गठबंधन की समीक्षा
महासचिव सुप्रीमो भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद झारखंड में भी गठबंधन की समीक्षा की जाएगी। इस बयान से यह भी साफ होता है कि झारखंड में भी सत्ताधारी गठबंधन (JMM, कांग्रेस और RJD) में तनाव बढ़ सकता है।
किन सीटों पर और कब होगा मतदान
-बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे —
-पहला चरण: 6 नवंबर
-दूसरा चरण: 11 नवंबर
-वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी।
-JMM जिन छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहां दूसरे चरण में मतदान होगा।
पिछली बार नहीं मिली थी सफलता
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राजद (RJD) से गठबंधन नहीं किया था। उस समय पार्टी ने झारखंड सीमा के पास की 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिल पाई थी। इस बार पार्टी को उम्मीद है कि स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने से बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।

