नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वे “वोट चोरों” को बचा रहे हैं और पूरी तरह से जानते हैं कि मतदाता सूची में फर्जी नाम कैसे जोड़े और हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इन धोखाधड़ियों को जानबूझकर अनदेखा कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अब चुनाव आयोग के अंदर से जानकारी मिल रही है, जो पहले कभी नहीं होती थी। उनका कहना था कि चुनाव आयोग के अंदर से कुछ लोग उनकी मदद कर रहे हैं ताकि देश में हो रही कथित मतदान धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया जा सके। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि भारत की जनता इस धांधली को बर्दाश्त नहीं करेगी और जब युवाओं को यह बात पता चलेगी, तो वे इसके खिलाफ उठ खड़े होंगे।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “… ‘Gyanesh Kumar ji vote-choro ki raksha kar rahe hai. This is black and white evidence; there is no confusion in this…” pic.twitter.com/7cYmcCLndl
— ANI (@ANI) September 18, 2025
राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लगभग 6,000 वोट धोखाधड़ी से हटाए गए। उन्होंने बताया कि इन फर्जी वोटों को हटाने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया था, जिससे असली मतदाता के नाम को धोखे से मिटा दिया गया। राहुल ने यह भी कहा कि इन घटनाओं में कुछ लोगों ने इसे संयोग से पकड़ लिया, जैसे कि एक बूथ लेवल अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट हटा दिया गया था।
राहुल गांधी का आरोप है कि चुनाव दर चुनाव, खासकर दलित, ओबीसी, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, ये समुदाय विपक्ष को वोट देते हैं, और इन्हीं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब उनके पास इस संबंध में 100 प्रतिशत प्रमाण हैं, और वे इस मामले को पूरी सच्चाई के साथ जनता के सामने लाएंगे।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “In Aland, 6018 applications were filed impersonating voters. The people who filed these applications actually never filed them. The filing was done automatically using software. Mobile numbers from outside… pic.twitter.com/J66tlYPOK9
— ANI (@ANI) September 18, 2025
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, चुनाव आयोग ने एक बयान जारी किया और आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता से हलफनामे पर हस्ताक्षर कर सबूत पेश करने की बात कही। आयोग ने कहा कि यदि राहुल गांधी के पास इस प्रकार के आरोपों के प्रमाण हैं, तो उन्हें अदालत में हलफनामा दाखिल करना चाहिए।
इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और विपक्ष द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों पर भी सफाई दी। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गांधी ने इस मामले में कहा कि वे लोकतंत्र, संविधान और देश से बेहद प्यार करते हैं, और इसलिए वे केवल उन तथ्यों को ही सामने लाएंगे जिनका 100 प्रतिशत प्रमाण उनके पास हो। उनका कहना था कि इस प्रकार की धोखाधड़ी लोकतंत्र को कमजोर करती है, और इसे रोकने के लिए उन्हें पूरी तरह से सच्चाई का खुलासा करना होगा। कांग्रेस नेता के आरोपों ने भारतीय चुनाव आयोग और राजनीतिक माहौल को फिर से गरम कर दिया है, और अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आयोग क्या कदम उठाता है और मामले की जांच कब तक पूरी होती है।
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