Last Updated: October 15, 2026

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HAL को मिली बड़ी सफलता: 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों की डील फाइनल

September 25, 2025

HAL को मिली बड़ी सफलता: 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों की डील फाइनल

नेशनल डेस्क। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। रक्षा मंत्रालय के साथ लगभग ₹62,370 करोड़ रुपये की डील फाइनल हुई है, जिसमें HAL 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान भारत की वायुसेना को देगा। यह HAL का अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट माना जा रहा है। इस खबर के बाद HAL के शेयरों में उछाल देखने को मिला। शेयर 1.10% बढ़कर 4,776 रुपये तक पहुंच गए। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में HAL के शेयर और बढ़ सकते हैं।

 

11,750 लोगों को मिलेगा रोजगार

तेजस Mk-1A विमानों की डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी और अगले छह सालों में पूरी हो जाएगी। ये विमान पूरी तरह से भारत की तकनीक से तैयार होंगे। विमानों में लगेंगी आधुनिक तकनीकें जैसे AESA रडार, स्वयं रक्षा कवच, एडवांस कंट्रोल सिस्टम शामिल है।

इस डील में 64% से ज्यादा सामग्री भारत में बनेगी और लगभग 105 भारतीय कंपनियां इसके निर्माण में काम करेंगी। इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 11,750 लोगों को रोजगार मिलेगा।
तेजस Mk-1A के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से उनकी ताकत बढ़ेगी और यह चीन-पाकिस्तान जैसे दुश्मनों को कड़ा जवाब देने में मददगार होगा।

 

HAL प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी में…
HAL ने अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से लगभग ₹5,375 करोड़ रुपये में GE-F404 इंजन मंगाए हैं। अब तक तीन इंजन मिल चुके हैं और साल के अंत तक सात और इंजन आने की उम्मीद है। नई डील के तहत HAL को 113 और इंजन के लिए GE के साथ करीब 1 बिलियन डॉलर की डील करनी है।

वर्तमान उत्पादन क्षमता

-HAL सालाना 18 विमान बना सकता है।

नई योजना:

-इसे बढ़ाकर सालाना 24-30 विमान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

-बेंगलुरु और नासिक में तीन उत्पादन लाइनें पूरी तरह चालू हैं।

-कई प्राइवेट कंपनियां भी सप्लाई चेन में जुड़ी हुई हैं।

 

रक्षा उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा

इस करार से केवल भारतीय वायुसेना की ताकत ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग और सप्लाई चेन को भी बड़ा फायदा मिलेगा। HAL और इससे जुड़ी भारतीय कंपनियां तकनीकी और आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।

 

तेजस Mk-1A में लगेंगी आधुनिक तकनीकें

एलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, स्वयं रक्षा कवच, कंट्रोल सरफेस एक्ट्यूएटर्स व  एलसीए Mk-1A भारत में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है। यह विमान भारतीय वायुसेना की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म साबित होगा।

 

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