नई दिल्ली: उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश और भयानक भूस्खलनों के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। खासतौर पर चाटेन और लाचेन जैसे दूरदराज के इलाकों में हालात बेहद खराब हो गए हैं। इन मुश्किल हालात में भारतीय वायु सेना और सेना ने मिलकर तेजी से राहत और बचाव अभियान शुरू किया है।
33 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला
भारतीय वायु सेना ने बुधवार को अपने MI-17 हेलीकॉप्टरों के ज़रिए चाटेन क्षेत्र में फंसे 33 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 2 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा वायुसेना ने इलाके में राहत सामग्री भी पहुंचाई और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को मौके पर भेजा। हालांकि, खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण लाचेन से 113 फंसे हुए पर्यटकों को निकालने की कोशिश सुबह के समय सफल नहीं हो पाई। एक हेलीकॉप्टर ने सुबह 6 बजे पाकयोंग एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से उसे लौटना पड़ा।
6 लापता लोगो की तलाश में जुटी सेना
इस बीच, भारतीय सेना ने पैदल ही खतरनाक और दुर्गम रास्तों से होते हुए लाचेन गांव तक पहुंच बनाई और वहां फंसे सभी 113 पर्यटकों का पता लगाया। इनमें से 30 विदेशी नागरिकों को 3 जून को हवाई रास्ते से निकाला गया। सेना अब भी वहां 6 लापता लोगो की तलाश में जुटी है। यह तलाश विशेष टीमों और आधुनिक उपकरणों के साथ की जा रही है, जो बेहद कठिन और ऊंचाई वाले इलाके में काम कर रही हैं।
उत्तरी सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने उत्तरी सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसी के साथ, सीमा सड़क संगठन (BRO) ने सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और भूटान जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोधों से निपटने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है। BRO ने मिजोरम में मलबा हटाया, सिक्किम में रास्ते बहाल किए, अरुणाचल में जीवन रेखा रोड को चालू रखा और भूटान के दर्रांगा-त्राशिगांग राजमार्ग को फिर से खोला।
मिजोरम सरकार की सलाह
मिजोरम सरकार ने भी खराब मौसम को देखते हुए अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को यात्रा टालने की सलाह दी है, क्योंकि वहां भी कई जगहों पर भूस्खलन, बाढ़ और चट्टानों के गिरने की घटनाएं हो रही हैं।

