
नेशनल डेस्क: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक पर चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने एक के बाद एक सवाल करते हुए पूछा कि क्या उन नेताओं को जेल नहीं होनी चाहिए जो अपराधियों को अपनी पार्टी में शामिल करते हैं और उन्हें नेता, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाते हैं?
केजरीवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, ”जो नेता अपराधियों को अपनी पार्टी में शामिल करते हैं, उनके मुकदमे हटवाते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री बनाते हैं, उन्हें कितने साल की जेल होनी चाहिए?” उन्होंने कहा, “अगर किसी मंत्री को झूठे केस में जेल भेज दिया जाए और बाद में वह निर्दोष साबित हो, तो उसे फँसाने वाले नेता को कितने साल की जेल होनी चाहिए?” केजरीवाल ने यह भी कहा कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने दिल्ली की सरकार ठीक से चलाई, जबकि अब जब दिल्ली भाजपा के नियंत्रण में है, तो हालात और ज्यादा बदतर हो गए हैं।
जो व्यक्ति गंभीर गुनाहों के मुज़रिमों को अपनी पार्टी में शामिल करके उनके सारे केस रफ़ा दफ़ा करके उन्हें मंत्री, उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बना देता है, क्या ऐसे मंत्री/प्रधान मंत्री को भी अपना पद छोड़ना चाहिए? ऐसे व्यक्ति को कितने साल की जेल होनी चाहिए?
अगर किसी पर झूठा केस… https://t.co/cK3kNZrY14
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 25, 2025
केजरीवाल ने अपने जेल में रहते हुए 160 दिन सरकार चलाने को सही ठहराया और कहा, “कम से कम उस समय बिजली नहीं जाती थी, पानी की कमी नहीं थी, अस्पतालों में मुफ्त दवाइयाँ और जाँच होती थीं, स्कूलों में नियमों का पालन होता था और बारिश में सड़कों की हालत इतनी खराब नहीं होती थी।”
यह विधेयक उन जनप्रतिनिधियों से सांसद/विधायक की सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया को लेकर लाया गया है जो जेल में बंद हैं या दोषी करार दिए गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस विधेयक के जरिए अपने विरोधियों को निशाना बनाना चाहती है, ताकि उन्हें सत्ता से बाहर रखा जा सके। अब इस बिल की संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) जांच करेगी।