नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं और एक महान प्रधानमंत्री हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते खास हैं, कभी-कभी छोटे-मोटे तनाव हो सकते हैं, लेकिन ये रिश्ते मजबूत बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप की इस टिप्पणी का स्वागत किया और ट्विटर (एक्स) पर लिखा, ”राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की हम तहे दिल से सराहना करते हैं और उनका पूर्ण समर्थन करते हैं। भारत और अमेरिका के बीच एक अत्यंत सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक एवं वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।”
Deeply appreciate and fully reciprocate President Trump’s sentiments and positive assessment of our ties.
India and the US have a very positive and forward-looking Comprehensive and Global Strategic Partnership.@realDonaldTrump @POTUS https://t.co/4hLo9wBpeF
— Narendra Modi (@narendramodi) September 6, 2025
मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा: ट्रंप
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। हालांकि मुझे इस समय उनके द्वारा किए जा रहे काम कुछ पसंद नहीं आ रहे हैं। लेकिन हमारे बीच खास संबंध हैं। चिंता की कोई बात नहीं।” राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल किया गया था कि क्या वे भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए तैयार हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने यह बयान दिया।
भारत-रूस-चीन और टैरिफ विवाद
ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर की, जिसमें पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ नजर आ रहे थे। ट्रंप ने लिखा कि “लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया। ईश्वर करे उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो।” इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि उन्हें निराशा है कि भारत रूस से इतना तेल खरीदेगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है। उन्होंने फिर भी कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं।

टैरिफ के कारण रिश्तों में खटास
अमेरिका की ओर से 50% टैरिफ और रूस से कच्चा तेल खरीद पर जुर्माना लगाने के कारण भारत-अमेरिका के रिश्तों में तनाव देखा गया। इसी बीच पीएम मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया और वहां रूस और चीन के नेताओं के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की। यह मुलाकात अमेरिकी मीडिया में भी चर्चा का विषय बनी। इसके बाद ट्रंप अमेरिकी राजनीति में आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।