बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर एकत्र स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय धर्मगुरु और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर कई प्रदर्शनकारी ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में मस्जिद के बाहर एकत्र हुए थे। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र में स्थित मौलाना तौकीर के आवास के बाहर और मस्जिद के पास भारी भीड़ एकत्र हो गई। लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के कारण आखिरी समय में विरोध प्रदर्शन स्थगित किये जाने पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।
#WATCH | बरेली, उत्तर प्रदेश: आला हज़रत दरगाह और IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान के घर के बाहर ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर लेकर जमा हुए लोगों के एक समूह द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने जुमे की नमाज़ के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान… pic.twitter.com/HlK66amNF4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 26, 2025
सोशल मीडिया और टीवी समाचार चैनलों पर दिखाई गई तस्वीरों में स्थानीय लोग लाठियों से लैस पुलिस के साथ झड़प करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्थिति अब सामान्य और नियंत्रण में है। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। हम लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।’’ इस विवाद का संबंध नौ सितंबर से है जब कानपुर पुलिस ने चार सितंबर को बारावफात के जुलूस के दौरान कानपुर की एक सार्वजनिक सड़क पर कथित तौर पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
#WATCH | उत्तर प्रदेश: बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को थाने लाया गया। pic.twitter.com/EXOj89JSIj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 26, 2025
इस कदम पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे एक ‘नया चलन’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह जानबूझकर उकसाने वाला कदम है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा करने के बाद कि ‘आई लव मोहम्मद’ कहना कोई अपराध नहीं है, इस विवाद ने और अधिक तूल पकड़ लिया।