नई दिल्ली: देश में करोड़ों रिटायर्ड लोग हर महीने पेंशन पर निर्भर रहते हैं। पेंशन उनकी जिंदगी का अहम सहारा होती है। लेकिन अगर कोई पेंशनधारी लगातार कई महीनों तक पेंशन नहीं निकालता है, तो यह एक बड़ी समस्या बन सकती है। सरकार के नियम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 6 महीने या उससे अधिक समय तक पेंशन नहीं निकालता, तो उसे सिस्टम में “संदिग्ध” मान लिया जाता है। इस स्थिति में उसे “मृतक” घोषित कर पेंशन रोक दी जाती है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि फर्जीवाड़े से बचा जा सके और सरकारी रिकॉर्ड सही बना रहे।
क्या होता है जब पेंशन बंद कर दी जाती है?
अगर सरकार आपको मृतक मान लेती है तो आपकी पेंशन तुरंत रोक दी जाती है। यह आपके परिवार या खुद आपके लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। खासकर तब, जब आपको पैसों की सबसे ज्यादा जरूरत हो।
इससे बचने के लिए क्या करें?
हर महीने या कम से कम हर 3-4 महीने में पेंशन जरूर निकालें। हर साल समय पर “लाइफ सर्टिफिकेट” जमा करें। इसे आप अपने बैंक में जाकर दे सकते हैं या आधार-बायोमेट्रिक सिस्टम के ज़रिए ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।
अगर पेंशन बंद हो गई है तो दोबारा कैसे शुरू करवाएं?
1. सबसे पहले अपने बैंक या पेंशन कार्यालय जाएं।
2. स्वयं के जीवित होने का प्रमाण दें (लाइफ सर्टिफिकेट)।
3. एक लिखित आवेदन दें, जिसमें आप ये बताएं कि आपने पेंशन क्यों नहीं निकाली थी और अब उसे दोबारा शुरू करने की रिक्वेस्ट करें।
4. अगर दस्तावेज सही हैं, तो कुछ दिनों में पेंशन दोबारा चालू कर दी जाती है।
जरूरी बात
सरकार की तरफ से पेंशनधारकों की निगरानी सिर्फ नियम पालन और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए होती है, किसी को परेशान करने के लिए नहीं। इसलिए ज़रूरी है कि पेंशनधारक थोड़ी सी सावधानी रखें, ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

