
नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए (NDA) में सीटों का बंटवारा हो चुका है, लेकिन इस बंटवारे से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने पहली बार अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है।
एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे के तहत मांझी की पार्टी HAM को सिर्फ 6 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इस पर मांझी ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “हमने 15 सीटों की मांग की थी ताकि पार्टी की पहचान बनी रहे, लेकिन हमारी बात को पूरी तरह नहीं सुना गया। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा है।”
हालांकि नाराज़गी के बावजूद मांझी ने गठबंधन से अलग होने से इनकार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा, “मन से दुखी हूं, लेकिन एक सीट भी मिलती तो भी NDA और मोदी जी का आभारी रहता। हम गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं और इसे जिताने की पूरी कोशिश करेंगे।”
HAM को जिन 6 सीटों पर चुनाव लड़ना है, उनमें कुछ ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जहां पार्टी की पकड़ बहुत मजबूत नहीं मानी जाती। इसके बावजूद मांझी ने चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया है। BJP और JDU ने बराबर-बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। उपेंद्र कुशवाहा की रालोजपा और HAM को 6-6 सीटें मिली हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण के मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण के मतदान 11 नवंबर को होंगे। बिहार विधानसभा चुनाव के मतों की गणना 14 नवंबर को की जाएगी।