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IRS गौरव गर्ग से मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई, Income Tax के ज्वाइंट कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा सस्पेंड

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित आयकर मुख्यालय के छठे तल पर दो वरिष्ठ आईआरएस (भारतीय राजस्व सेवा) अधिकारियों के बीच मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस विवाद में सहायक आयुक्त गौरव गर्ग के साथ मारपीट के आरोप में संयुक्त आयुक्त योगेंद्र मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के साथ ही उन्हें बंगाल-सिक्किम रीजन से संबद्ध कर दिया गया है, हालांकि इस पूरे मामले की विभागीय जांच अभी भी जारी है। आइए जातने है इस खबर को विस्तार से…

क्या है पूरा मामला ?

आपको बता दें कि यह विवाद 29 मई की शाम का है जब सहायक आयुक्त गौरव गर्ग अपने कक्ष में काम कर रहे थे। उसी दौरान कथित रूप से संयुक्त आयुक्त योगेंद्र मिश्रा वहां पहुंचे और दोनों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गौरव गर्ग को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गौरव गर्ग 2016 बैच और योगेंद्र मिश्रा 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। यह झगड़ा कार्यालय की छठी मंजिल पर हुआ, जहाँ विभागीय गोपनीय कार्य होता है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया।

अधिकारी की पत्नी ने जताई जान का खतरा

इस घटना के बाद हजरतगंज पुलिस ने शनिवार को गौरव गर्ग का बयान दर्ज किया। वहीं, रविवार को योगेंद्र मिश्रा की पत्नी नेहा मिश्रा पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर से मिलने पहुंचीं और गौरव गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। नेहा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है और उन्होंने सुरक्षा की भी मांग की। पुलिस कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी जरूरी कानूनी कार्रवाई बनती है, वो की जाएगी। इस मामले की जांच एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल की निगरानी में हो रही है।

विवाद में IPS अफसर का नाम…

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब योगेंद्र मिश्रा ने यूपी के तत्कालीन डीजीपी प्रशांत कुमार को पत्र लिखकर यह मांग की कि गौरव गर्ग की पत्नी आईपीएस रवीना त्यागी का लखनऊ से बाहर ट्रांसफर किया जाए। उनका आरोप है कि जब तक रवीना लखनऊ में हैं, पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। योगेंद्र मिश्रा का दावा है कि रवीना त्यागी की पदस्थापना इस केस की जांच को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि वह स्वयं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं।

जांच जारी, कार्रवाई की उम्मीद

फिलहाल इस पूरे प्रकरण में जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। विभाग और पुलिस दोनों अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। इस विवाद ने न सिर्फ सरकारी महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि आईआरएस और आईपीएस जैसी सेवाओं की गरिमा पर भी बहस खड़ी कर दी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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