खेल डेस्क। भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों में क्रिकेट सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल है। यही वजह है कि जब भी दोनों टीमों के बीच मुकाबला होता है, तो फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। लेकिन हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया और पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए उसे झुकने पर मजबूर कर दिया। इसी घटना के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव और भी बढ़ गया।
अब 14 सितंबर आज एशिया कप 2025 के तहत भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। लेकिन सोशल मीडिया पर कई भारतीय फैंस इस मैच का बहिष्कार (बॉयकॉट) करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने दी हरी झंडी
भारत सरकार ने साफ कहा है कि भारत और पाकिस्तान आपस में द्विपक्षीय (बाइलैटरल) सीरीज नहीं खेलेंगे। लेकिन अगर कोई मल्टीनेशनल टूर्नामेंट है, जिसमें कई टीमें हिस्सा ले रही हों, तो उसमें भारत को पाकिस्तान से खेलने पर कोई रोक नहीं है। एशिया कप भी ऐसा ही टूर्नामेंट है, इसलिए भारतीय टीम 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी।
सोशल मीडिया पर उठी बॉयकॉट की आवाज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कई लोगों ने इस मैच के खिलाफ आवाज उठाई है। अदिति नाम की एक फैन ने लिखा – “डियर BCCI, क्या क्रिकेट मैच हमारे देश से ज्यादा अहम है?” ‘हिन्दुओं की आवाज’ नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया – “क्या हम अभी भी भारत बनाम पाकिस्तान मैच देखना चाहते हैं?”
1986 में भारत ने किया था एशिया कप का बॉयकॉट
इतिहास की बात करें तो भारतीय टीम ने अब तक सिर्फ एक बार एशिया कप का बहिष्कार किया है। 1986 में यह टूर्नामेंट श्रीलंका में होना था, लेकिन वहां गृहयुद्ध (सिविल वॉर) के हालात थे। भारत सरकार ने टीम को न भेजने का फैसला लिया और उसकी जगह एशियन क्रिकेट काउंसिल ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।
दुबई में जीत की कुंजी है टॉस जीतना
दुबई में अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच 3 T20 मैच खेले गए हैं। इन सभी मैचों में वही टीम जीती है जिसने लक्ष्य का पीछा (चेज) किया। 2021 टी20 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया। 2022 एशिया कप में पाकिस्तान ने भारत को 5 विकेट से हराया था। उसी साल भारत ने भी पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर बदला लिया। यानी दुबई की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को मुश्किल होती है। इसी कारण इस बार भी जो टीम टॉस जीतेगी, वह लक्ष्य का पीछा करना पसंद करेगी।
पिछले मैचों का ट्रेंड
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए पिछले 8 मैचों में से 7 मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ही विजेता बनी है। इसका मतलब है कि टॉस इस महामुकाबले में अहम रोल निभाएगा।

