Site icon Dainik Savera Times

‘भारत और फिजी की आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार’, पीएम मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग को बताया ऐतिहासिक

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत और फिजी के बीच मजबूत रिश्तों की सराहना करते हुए कहा कि भले ही दोनों देश महासागरों से दूर हैं, लेकिन उनकी सोच और उम्मीदें एक जैसी हैं। उन्होंने यह बात फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका के साथ बातचीत के बाद कही।

हिंद-प्रशांत महासागर पहल में फिजी की भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत किया कि फिजी ने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) में शामिल होने की इच्छा जताई है। यह पहल 2019 में भारत ने शुरू की थी, जिसका मकसद समुद्रों के संरक्षण, सुरक्षा और विकास में समान सोच वाले देशों के साथ मिलकर काम करना है।

‘शांति के महासागर’ का विचार

फिजी के प्रधानमंत्री राबुका ने प्रशांत क्षेत्र को “शांति का महासागर” कहा और इस क्षेत्र को शांतिपूर्ण और स्थिर बनाने की बात की। पीएम मोदी ने राबुका के इस विचार की सराहना की।


ग्लोबल साउथ की आवाज़

मोदी ने ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ सम्मेलन में फिजी की भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भारत और फिजी दोनों मिलकर एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था चाहते हैं, जहां सभी देशों की आवाज़ सुनी जाए, और कोई पीछे न छूटे।

भारत-फिजी सहयोग का इतिहास

मोदी ने याद किया कि उन्होंने 2014 में फिजी की यात्रा की थी, जो 33 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। उसी समय भारत ने FIPIC (India-Pacific Islands Cooperation Forum) की शुरुआत की थी, जिससे भारत और प्रशांत देशों के रिश्ते और मजबूत हुए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी मदद

दोनों देशों ने सुवा शहर में 100-बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने पर सहमति जताई, जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी सहायता परियोजना है प्रशांत क्षेत्र में। पीएम मोदी ने कहा कि इसके साथ डायलिसिस यूनिट्स और समुद्री एम्बुलेंस भेजी जाएंगी, जन औषधि केंद्र खोले जाएँगेताकि सस्ती दवाइयाँ मिल सकें,और एक ‘जयपुर फुट’ शिविर भी लगाया जाएगा ताकि ज़रूरतमंदों को कृत्रिम पैर मिल सकें।

 

कृषि और खाद्य सुरक्षा

मोदी ने बताया कि भारत से भेजे गए लोबिया बीज फिजी की मिट्टी में अच्छी तरह उग रहे हैं। इसके अलावा भारत 12 कृषि ड्रोन और 2 मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं फिजी को उपहार में देगा। भारत ने फिजी सरकार को धन्यवाद दिया कि उन्होंने भारत के घी (देसी घी) को वहां मंजूरी दी।

सांस्कृतिक संबंध और गिरमिट दिवस

प्रधानमंत्री मोदी ने गिरमिट दिवस की घोषणा के लिए फिजी सरकार की सराहना की। उन्होंने याद दिलाया कि उन्नीसवीं सदी में 60,000 से अधिक भारतीय गिरमिटिया मजदूर फिजी गए थे। आज वे भारतीय मूल के लोग न केवल फिजी की संस्कृति और एकता को समृद्ध कर रहे हैं, बल्कि भारत से अपने संस्कृतिक संबंध भी बनाए रखे हुए हैं। फिजी में रामायण परंपरा इसका सजीव उदाहरण है।

Exit mobile version