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जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात, कहा- सीमा पर तनाव कम करने पर ध्यान देने की जरूरत

इंटरनेशनल डेस्क: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि पिछले नौ महीनों में भारत और चीन के बीच सीमा तनाव के समाधान में अच्छी प्रगति हुई है, और दोनों देशों की ज़िम्मेदारी है कि वे सीमा से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दें, जिसमें तनाव कम करना भी शामिल है।

जयशंकर ने एससीओ (शांगहाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन) विदेश मंत्रियों की बैठक में चीन में रहते हुए यह बातें साझा की। उन्होंने बताया कि 2024 में भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं, और इस गति को बनाए रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।

संबंधों की सामान्य स्थिति

जयशंकर ने बताया कि पिछले नौ महीनों में भारत और चीन के रिश्ते सामान्य होने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। सीमा पर शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के प्रयासों के चलते यह प्रगति संभव हो पाई है।

आर्थिक सहयोग और सैन्य तनाव 

उन्होंने व्यापार में बाधाओं को दूर करने और व्यापारिक प्रतिबंधों से बचने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। भारत और चीन के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने से पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। 2024 में भारत और चीन के बीच गश्त व्यवस्था पर सहमति बनी, जिससे सीमा पर तनाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए। इस समझौते के बाद, 2020 के सभी टकराव बिंदुओं से सैनिकों की वापसी संभव हुई।

आतंकवाद और क्षेत्रीय मुद्दे

जयशंकर ने एससीओ मंच पर आतंकवाद, अलगाववाद, और उग्रवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों का भविष्य

विदेश मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने और प्रतिस्पर्धा को संघर्ष में न बदलने की आवश्यकता है। दोनों देशों के लिए स्थिर और रचनात्मक संबंध न केवल उनके लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद होंगे।इस बैठक के दौरान, जयशंकर ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर चीनी पक्ष का आभार व्यक्त किया, जो पाँच वर्षों के अंतराल के बाद फिर से बहाल हुई है।

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