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‘भारत को अब किसी पर निर्भर रहना मंजूर नहीं’, यूपी ट्रेड शो में बोले पीएम मोदी

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को “आत्मनिर्भर भारत” के अपने विजन को साकार करने का आह्वान किया और कहा कि भारत को अब अपने विकास के लिए दूसरों पर निर्भर रहकर समझौता नहीं करना होगा। उत्तर प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो-2025 के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज जब दुनिया वैश्विक उथल-पुथल का सामना कर रही है, भारत अपने विकास को गति दे रहा है। हम आत्मनिर्भरता के माध्यम से आने वाले दशक में अपनी नींव मज़बूत कर रहे हैं। अगर हम दूसरों पर निर्भर रहेंगे तो हम अपने विकास से समझौता करेंगे।”

आत्मनिर्भरता का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अपने रास्ते पर चलकर आत्मनिर्भर बनेगा और किसी देश पर निर्भर नहीं रहेगा। उनका कहना था, “व्यवधान हमें भटकाता नहीं है; हम उन परिस्थितियों में भी नए अवसर खोजते हैं।” प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अंत्योदय के सिद्धांत की अहमियत को बताया। उन्होंने कहा कि “अंत्योदय का मतलब है विकास को कतार के अंत में खड़े लोगों तक पहुँचाना, जिससे सामाजिक न्याय का संदेश मिलता है।”

 

फिनटेक क्षेत्र में भारत की सफलता

प्रधानमंत्री ने भारत के फिनटेक क्षेत्र की भी सराहना की, जिसमें यूपीआई और आधार जैसी योजनाओं ने समावेशी विकास को मजबूत किया है। “आज, हमारे फिनटेक क्षेत्र ने पूरे देश में वित्तीय समावेशन को एक नया आयाम दिया है। मॉल में खरीदारी करने वाला हो या चाय बेचने वाला, सभी यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।” उन्होंने इसके साथ-साथ मॉबाइल फोन निर्माण में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया, जहाँ 55% मोबाइल फ़ोन भारत में बनाए जाते हैं।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री ने भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक रक्षा गलियारा स्थापित किया जा रहा है और जल्द ही AK-203 राइफलों का निर्माण शुरू होगा, जो रूस की मदद से स्थापित किए जा रहे कारखाने में बनेगा।

उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो-2025

उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रहे UPITS-2025 (उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो-2025) का प्रमुख उद्देश्य नवाचार, एकीकरण और अंतर्राष्ट्रीयकरण है। इस शो में हस्तशिल्प, वस्त्र, चमड़ा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आयुष जैसी प्रमुख श्रेणियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, रूस इस व्यापार मेले में भागीदार देश के रूप में शामिल होगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

मेले में भाग लेने वाले लोग

इस व्यापार मेले में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 1,25,000 B2B आगंतुक और 4,50,000 B2C आगंतुक भाग लेंगे, जो देश और दुनिया में व्यापार और उद्योग के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में भारत के लगातार बढ़ते कदमों की झलक साफ तौर पर दिखी।

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