नई दिल्ली: जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने बेंगलुरु जाकर भारत के तकनीकी क्षेत्र में हो रही प्रगति को करीब से देखा और काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “मैंने कल बेंगलुरु में देखा कि भारत किस तरह से तकनीकी और नवाचार का एक बड़ा केंद्र बन गया है। अगर भारत और जर्मनी आपस में सहयोग बढ़ाएं, तो हमारी दोनों की अर्थव्यवस्थाएं बहुत कुछ हासिल कर सकती हैं।”
नई दिल्ली में एस जयशंकर के साथ बैठक
जोहान वाडेफुल ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आज एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति है।
#WATCH | Delhi: German Foreign Minister Johann Wadephul says, “… In the area of AI and aerospace, India will be at the forefront among the frontrunners in a whole host of areas. Today we talked about the potential for further enhancing our cooperation in the field of aerospace… pic.twitter.com/w4rQ0f1UoR
— ANI (@ANI) September 3, 2025
रक्षा और सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने की बात
जोहान वाडेफुल ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक व्यवहार को लेकर भारत और जर्मनी की चिंताएं समान हैं। दोनों देश इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जर्मनी और भारत सेनाओं के साझा अभ्यास कर रहे हैं। हिंद-प्रशांत सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है। जर्मन युद्धपोत (फ्रिगेट) ने भारत के बंदरगाह का दौरा भी किया था। सुरक्षा, रक्षा और आयुध के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर चिंता
वाडेफुल ने यह भी कहा कि रूस का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध अभी भी यूरोप और पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
#WATCH | Delhi: German Foreign Minister Johann Wadephul says, “Prime Minister Modi, when he met with President Putin a couple of days ago, also pointed to the need for a speedy peace agreement in Ukraine, which has been important to us. We Europeans are doing our best, working… pic.twitter.com/2PYdVg4MwB
— ANI (@ANI) September 3, 2025
भारत में एआई शिखर सम्मेलन पर बोले
उन्होंने भारत द्वारा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिखर सम्मेलन की मेजबानी को भारत की नई तकनीकों में लीडर बनने की इच्छा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह दिखाता है कि भारत नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होना चाहता है।”
भारत-जर्मनी व्यापार को लेकर उत्साह
वाडेफुल ने यह भी बताया कि भारत और जर्मनी के बीच व्यापार पहले से ही मजबूत है। अभी दोनों देशों के बीच करीब 31 अरब यूरो का व्यापार हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य इस व्यापार को दोगुना करना है, और यह देखकर अच्छा लगा कि भारत भी इसके लिए सकारात्मक सोच रखता है।”
मुख्य बैठकें और दौरा
भारत यात्रा के दौरान उन्होंने बेंगलुरु में टेक्नोलॉजी सेक्टर का दौरा किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ भी अहम बैठकें कीं। बताते चलें कि, जर्मनी भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है, खासकर तकनीक, रक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में। इस दौरे से दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।

