
नेशनल डेस्क : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटनाओं के मद्देनजर उपमहाद्वीप में तनाव बढ़ाने से बचने की अपील की है। गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महासचिव दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने की अपील करते हैं ताकि किसी भी प्रकार का तनाव न बढ़े। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चिंता
आपको बता दें कि फरहान हक ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा, “यूएन महासचिव भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं।” उनका कहना था कि इस समय दोनों देशों के बीच स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना सबसे महत्वपूर्ण है। गुटेरेस का यह भी मानना है कि सबसे जटिल मुद्दों को भी संवाद और रचनात्मक बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी
भारत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान सेना ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर लगातार चौथे दिन बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। भारतीय सैनिकों ने इसका तुरंत जवाब दिया। भारतीय सेना के अनुसार, यह गोलीबारी बिना किसी कारण के की गई थी, और इसका उद्देश्य भारतीय सैनिकों को निशाना बनाना था।
UN सैन्य पर्यवेक्षक समूह की भूमिका
फरहान हक ने इस बीच यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) उस क्षेत्र में मौजूद नहीं था, जहां यह गोलीबारी हुई। यूएनएमओजीआईपी का मुख्य कार्य भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति बनाए रखना और संघर्ष को रोकने के लिए निगरानी करना है, लेकिन इस घटना के समय यह समूह इस क्षेत्र में तैनात नहीं था।
पाकिस्तान का दृष्टिकोण
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच टकराव का तत्काल खतरा है, और यदि स्थिति नियंत्रित नहीं की गई तो यह युद्ध का कारण बन सकता है। उनका कहना था कि दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का दृष्टिकोण
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने इस दौरान कहा, “महासचिव का दृढ़ विश्वास है कि सबसे जटिल मुद्दों को भी सार्थक और रचनात्मक बातचीत से शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जा सकता है।” वे दोनों देशों के लिए किसी भी पहल का समर्थन करने के लिए तैयार हैं जो बातचीत को बढ़ावा देती है और इसे फिर से शुरू करने में मदद करती है।
आतंकी हमले की घटना और संवेदना
फरहान हक ने 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। इस हमले में बैसरन घाटी में पर्यटकों के एक समूह पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। घटनास्थल से कुछ वीडियो भी सामने आए, जिसमें हमलावर अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए नजर आ रहे थे ।संयुक्त राष्ट्र महासचिव का स्पष्ट संदेश है कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता है और वे इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इन घटनाओं के बीच, वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ी हुई है, और शांति बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
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