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‘भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत और सकारात्मक दिशा में’, जयशंकर ने सफल व्यापार समझौते की जताई उम्मीद

इंटरनेशनल डेस्क: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका की यात्रा के दौरान एक इंटरव्यू में यह बातें कहीं।  भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते मजबूत, कई क्षेत्रों में बढ़ रहा सहयोग

पिछले 25 सालों में रिश्तों में आई मजबूती
जयशंकर ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में अमेरिका के पांच अलग-अलग राष्ट्रपति आए,  क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, ओबामा, ट्रंप और बाइडेन। ये सभी अलग सोच और नीति वाले नेता थे, लेकिन हर राष्ट्रपति के कार्यकाल के अंत में भारत-अमेरिका के संबंध उस समय से बेहतर रहे जब उन्होंने पद संभाला था। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को आगे बढ़ाने में कई “संरचनात्मक कारण” हैं जैसे- व्यापार और अर्थव्यवस्था, तकनीक और नवाचार, शिक्षा और मानव संसाधन, सुरक्षा और ऊर्जा। इन सभी क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ता जा रहा है, जो इस रिश्ते को मज़बूत बनाता है।

व्यापार समझौते पर आशा
जयशंकर ने उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) पर जल्द सहमति बन सकती है। उन्होंने बताया कि इस पर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। यह बातचीत थोड़ी जटिल है, लेकिन दोनों देशों के बीच समझदारी से हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा, “बातचीत के बीच में हैं, या शायद उससे भी आगे। मुझे उम्मीद है कि हम इसका सफल अंत कर पाएंगे, हालांकि इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसमें दूसरा पक्ष भी शामिल है। लेकिन यह पूरी तरह मुमकिन है।” इस समझौते का पहला चरण 2025 की शरद ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) तक पूरा हो सकता है।

मतभेद भी होते हैं, लेकिन समाधान संभव है
जयशंकर ने यह भी माना कि रिश्तों में कभी-कभी मतभेद और समस्याएं आती हैं, लेकिन दोनों देशों के पास उन्हें मिलकर सुलझाने की क्षमता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे अमेरिका में भारत के राजदूत थे, तब भी उन्हें कई मुद्दों से निपटना पड़ा था, जैसे कि एक भारतीय राजनयिक से जुड़ा विवाद, व्यापारिक मुद्दे, और पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा F-16 लड़ाकू विमान बेचे जाने की योजना। उन्होंने कहा, “रिश्तों में कभी भी पूरी तरह से एकरूपता नहीं हो सकती। मुद्दे आएंगे, मतभेद होंगे, लेकिन असली बात यह है कि हम उन्हें कैसे संभालते हैं और संबंधों की दिशा को सकारात्मक बनाए रखते हैं।”

क्वाड बैठक में भाग लेने आए हैं जयशंकर
जयशंकर इस समय अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वह 1 जुलाई को आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक (QFMM) में हिस्सा लेने आए हैं। यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के निमंत्रण पर हो रही है। इससे पहले ऐसी ही एक बैठक 21 जनवरी को वॉशिंगटन डीसी में हुई थी। इस बैठक में चार देशों (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्री आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

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