नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ (शुल्क) को लेकर संसद में तीखी बहस चल रही है। इस मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार भारतीय उद्योगों की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगी।
क्या कहा पीयूष गोयल ने?
पीयूष गोयल ने अमेरिकी टैरिफ के घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति ने पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) पर एक कार्यकारी आदेश जारी किया। 5 अप्रैल 2025 से 10% का बेसलाइन टैरिफ लागू कर दिया गया। भारत के लिए कुल 26% टैरिफ की घोषणा की गई थी। 9 अप्रैल से और ज्यादा टैरिफ लागू होने वाले थे, लेकिन इसे पहले 90 दिनों और फिर 1 अगस्त 2025 तक स्थगित कर दिया गया।
#WATCH | US Tariffs | Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal says, “…On 2nd April 2025, the US President issued an executive order on reciprocal tariffs…10% baseline duty in effect since 5th April 2025. With a 10% baseline tariff, a total of 26% tariff was… pic.twitter.com/f1aN8JHBt9
— ANI (@ANI) July 31, 2025
टैरिफ दरें कितनी थीं?
भारत से अमेरिका को होने वाले आयात पर 10% से 50% तक की टैरिफ दरें प्रस्तावित की गई थीं, जिससे भारतीय उत्पादों की कीमतें अमेरिकी बाजार में महंगी हो जातीं और उनका नुकसान होता।
भारत-अमेरिका बातचीत के दौर
पीयूष गोयल ने बताया कि इस मुद्दे पर अब तक चार दौर की बातचीत भारत और अमेरिका के बीच हो चुकी है। उन्होंने कहा, “हमने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत की है और इसे अंतिम रूप देने के लिए कई बैठकें चल रही हैं।”
‘हम अपने उद्योगों की रक्षा करेंगे’
मंत्री ने साफ कहा, “भारत अपनी अर्थव्यवस्था, उद्योगों और किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। सरकार हर हाल में घरेलू उद्योगों की सुरक्षा करेगी।” इसी बीच विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
#WATCH | US Tariffs | Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal says, “In March 2025, India and the US started talks for a just, balanced and mutually beneficial Bilateral Trade Agreement (BTA). The goal of this was to finish the first stage of the Agreement by… pic.twitter.com/NW1E7NMiwW
— ANI (@ANI) July 31, 2025
अमेरिका का आरोप क्या है?
अमेरिका का कहना है कि भारत में टैरिफ दरें बहुत ऊंची हैं और अमेरिका के उत्पादों को यहां प्रतिस्पर्धा में नुकसान होता है। इसके जवाब में अमेरिका ने भारत से होने वाले आयात पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने यह भी कहा है कि भारत रूस से तेल और रक्षा सौदे कर रहा है, जिससे उन्हें असंतोष है।

