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भारत का पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा फैसला, पाकिस्तानी उड़ानों के लिए बंद किया हवाई मार्ग

Pakistani flights: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के स्वामित्व वाली और संचालित उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को 23 मई तक बंद करने की घोषणा की। कुछ दिन पहले ही इस्लामाबाद ने भारतीय विमानन कंपनियों के स्वामित्व वाली और संचालित सभी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला किया था।

भारत ने इस संबंध में नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है, जिसके तहत पाकिस्तानी विमानों को 23 मई तक भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।

नोटम के अनुसार, यह प्रतिबंध 30 अप्रैल से 23 मई तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने भारतीय विमानन कंपनियों के स्वामित्व वाली और उनके द्वारा संचालित सभी उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिसके जवाब में भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा परिदृश्य और भावी कार्रवाई पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था की बैठक कुछ दिनों के भीतर प्रधानमंत्री आवास पर दूसरी बार हुई। सीसीएस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आयोजित पहली सीसीएस बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए।

भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने, अटारी सीमा को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने, अपने कई यूट्यूब चैनलों और एक्स हैंडल को अवरुद्ध करने तथा दूतावासों में पहले से ही कम किए गए कर्मचारियों की संख्या में कटौती करके पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने की घोषणा की, जिससे उन्हें अपने मूल देश वापस जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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