Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया की धरती एक बार फिर भूकंप के तेज झटको से कांपी। आपको बता दे कि मंगलवार की सुबह को 5.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। हालांकि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं है। लेकिन इससे लोग दहशत में आ गए और अपने-अपने घरों से बाहर भागने लगे। हालाँकि, भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
रिक्टर स्केल पर 4.5 रही तीव्रता
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह इंडोनेशिया के पश्चिमी आचे प्रांत में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। एजेंसी के मुताबिक मंगलवार को जकार्ता के समयानुसार सुबह 2:48 बजे (सोमवार को 1948 GMT) भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसका केंद्र सिम्यूलु रीजेंसी में सिनाबंग शहर से 62 किमी दक्षिण-पूर्व में समुद्र तल से 30 किमी नीचे स्थित था।
सुनामी की चेतावनी नहीं
भूकंप से समुद्र में बड़ी लहरें उठने की संभावना नहीं होने के कारण कोई सुनामी चेतावनी जारी नहीं की गई। प्रांतीय आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी ज़ोपान ए ने कहा, “भूकंप प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर सिमुलु रीजेंसी में, जो सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, गंभीर क्षति या किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।”
भूकंप क्यों आते हैं?
आपको बता दे कि भूकंप पृथ्वी की सतह पर घटित होने वाली प्राकृतिक घटनाएँ हैं, जो मुख्य रूप से पृथ्वी की आंतरिक संरचना में तनाव और हलचलों के कारण होती हैं। भारत में भूकंप का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र में होने वाली टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। यहां तनाव भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव के कारण उत्पन्न होता है। यही कारण है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत भूकंप के प्रति संवेदनशील हैं।
दरअसल टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल, टकराव, उठने-गिरने के कारण इन प्लेटों के बीच लगातार तनाव बना रहता है। इससे ऊर्जा उत्पन्न होती है, ऐसे में अगर हल्के भूकंप आते रहें तो यह ऊर्जा निकलती रहती है और बड़ा भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। इन प्लेटों के बीच तनाव अधिक होने पर ऊर्जा का दबाव भी बढ़ जाता है और वह एक साथ जल्दी बाहर आने की कोशिश करती है, इस कारण कभी-कभी भयानक भूकंप आने की संभावना भी बन जाती है।

