Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

Indus Waters Treaty : सिंधु जल संधि के मामले में भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला

June 28, 2025

Indus Waters Treaty : सिंधु जल संधि के मामले में भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। भारत सरकार ने आज साफ-साफ कहा कि उसने किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के फैसले को पूरी तरह नकार दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह कोर्ट पूरी तरह अवैध तरीके से बनाया गया है और इसका कोई भी फैसला भारत के लिए मान्य नहीं है। यह कथित अदालत जम्मू-कश्मीर में भारत की किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर एक नया फैसला देने का दावा कर रही है, जिसे उन्होंने “अतिरिक्त पुरस्कार” कहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस अदालत को ही नहीं मानता, इसलिए इसका कोई भी फैसला भारत के लिए मायने नहीं रखता।

सिंधु जल संधि का उल्लंघन

भारत ने यह भी कहा कि यह कोर्ट 1960 की सिंधु जल संधि के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इस संधि के तहत किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए जो प्रक्रिया तय की गई है, उसे नजरअंदाज करते हुए पाकिस्तान ने यह अवैध कोर्ट बनवाया है। इसलिए इस कोर्ट की कार्रवाई और फैसले अवैध और शून्य (null and void) हैं।

सिंधु जल संधि को भारत ने अस्थायी रूप से रोका

विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भारत ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह फैसला लिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक भारत खुद को सिंधु जल संधि से बंधा हुआ नहीं मानेगा।

पाकिस्तान पर लगाया अंतरराष्ट्रीय मंचों को गुमराह करने का आरोप

भारत ने पाकिस्तान की इस कोशिश को अंतरराष्ट्रीय मंचों को गुमराह करने की एक और चाल बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान बार-बार झूठे तरीके अपनाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात को सही साबित करने की कोशिश करता है। यह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन भी उसकी इन्हीं चालबाजियों का एक हिस्सा है।”

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें