इंटरनेशनल डेस्क : इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब सीधे युद्ध में बदल गया है और यह टकराव अब बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें जान-माल का बड़ा नुकसान हो रहा है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है, जो पूरे क्षेत्र में चिंता का कारण बन गया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
इजरायल ने उड़ाया ईरान का रक्षा मंत्रालय…
आपको बता दें कि इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय को निशाना बनाकर उसे नष्ट कर दिया है। यह हमला बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह ईरान की सैन्य रणनीति का एक बड़ा केंद्र था। इसके साथ ही इजरायल ने तेहरान के आसपास कई परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी साइटों पर भी हमले किए हैं। इजरायल का कहना है कि ये साइटें ईरान की परमाणु हथियार परियोजना का हिस्सा थीं।
ऑयल डिपो और गैस रिफाइनरी भी बने निशाना
इसके साथ ही ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया है कि इजरायल ने तेहरान और बुशहर जैसे बड़े शहरों में स्थित ऑयल डिपो, गैस रिफाइनरी और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक ठिकानों पर भी हमला किया है। इन हमलों में कुल मिलाकर 150 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
वैज्ञानिक और कमांडर भी मारे गए
पिछले 48 घंटों में हुए इन हमलों में 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 9 न्यूक्लियर साइंटिस्ट (परमाणु वैज्ञानिक) और ईरान की सेना के कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा करीब 300 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
‘तेहरान अब सुरक्षित नहीं‘…
इस हमले के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा था कि अगर ईरान ने अपनी मिसाइल हमले बंद नहीं किए, तो “तेहरान जल जाएगा”। अब इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के प्रवक्ता ने भी बड़ा बयान दिया है कि तेहरान अब सुरक्षित नहीं है। इस बयान से साफ है कि इजरायल अब ईरान की राजधानी को भी युद्ध का मैदान बनाने के लिए तैयार है।
इजरायल और ईरान के बीच चल रही यह जंग अब सिर्फ सीमित हमलों तक नहीं रह गई है, बल्कि यह अब एक सीधे और बड़े स्तर के युद्ध में बदलती जा रही है। दोनों देशों के बयानों से साफ है कि स्थिति आने वाले दिनों में और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इस युद्ध का असर न सिर्फ मिडल ईस्ट पर पड़ेगा, बल्कि पूरी दुनिया के शांति और तेल आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

