इंटरनेशनल डेस्क: तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने नेतन्याहू की तुलना जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने विनाश और तबाही का एक जैसा रास्ता अपनाया है। यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव बहुत बढ़ चुका है और हालात युद्ध जैसे बन गए हैं।
एर्दोगन ने नेतन्याहू को “पाखंडी” कहा और कहा कि इजरायल लगातार अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ रहा है, खासकर अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर। उन्होंने कहा कि इजरायल बिना किसी निगरानी के परमाणु ताकत बढ़ा रहा है।
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान अपनी जनता की रक्षा कर रहा है और यह उसका वैध अधिकार है। उन्होंने ग़ाज़ा की स्थिति की तुलना नाज़ी यातना शिविरों से की और कहा कि वहां के करीब 20 लाख लोग बहुत ही बुरे हालात में जी रहे हैं। एर्दोगन ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू “क्षेत्रीय शांति के सबसे बड़े दुश्मन” हैं। उन्होंने कहा कि 13 जून से ईरान पर इजरायल के हमले यह दिखाते हैं कि इजरायल एक “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” फैला रहा है।
राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि इजरायल ग़ाज़ा, लेबनान, यमन, सीरिया और ईरान में हमले कर रहा है। उन्होंने इन हमलों को “डकैती और लूटपाट की कार्रवाई” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचा रहा है, जबकि खुद बिना किसी नियंत्रण के अपने परमाणु हथियारों की ताकत बढ़ा रहा है।
एर्दोगन ने कहा कि अब समय आ गया है जब इस्लामी दुनिया को आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो अरब की आबादी वाले मुस्लिम देश एक नया मजबूत ध्रुव बन सकते हैं, जिससे वैश्विक संतुलन में बदलाव आ सकता है।
उन्होंने गाजा की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “हम ग़ाज़ा के 20 लाख भाइयों की पीड़ा को समझते हैं। जिस तरह 90 साल पहले हिटलर ने पूरी दुनिया को युद्ध में झोंक दिया था, उसी तरह नेतन्याहू की ज़ायोनिस्ट सोच दुनिया को संकट में डाल रही है।” एर्दोगन ने भरोसा दिलाया कि “इंसाफ जरूर होगा और जीत सच्चाई की होगी।”
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