येरूशलम: इजरायल की सेना (आईडीएफ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हिजबुल्लाह के एक टॉप कमांडर मोहम्मद अली जमौल को मार गिराया है। यह कार्रवाई लेबनान के दक्षिणी इलाके डेर अल-ज़हरानी में की गई। मोहम्मद अली जमौल हिजबुल्लाह के उस क्षेत्र में रॉकेट हमलों की योजना बनाने और अंजाम देने का जिम्मेदार कमांडर था।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया पर बताया कि मोहम्मद अली जमौल, शाक़िफ़ नाम के इलाके में हिजबुल्लाह के रॉकेट यूनिट का प्रभारी था। वह इजरायल के नागरिकों और सैनिकों पर कई रॉकेट हमलों में शामिल था और इस समय फिर से लेबनान में आतंक का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। इजरायली सेना का कहना है कि जमौल की गतिविधियां इजरायल और लेबनान के बीच के समझौतों का उल्लंघन थीं। इसी कारण आईडीएफ ने उस पर कार्रवाई की और भविष्य में भी इजरायल की सुरक्षा के लिए ऐसे हमले जारी रहेंगे।
हिजबुल्लाह और इजरायल में टकराव क्यों हुआ?
यह टकराव 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ, जब हमास के आतंकियों ने इजरायल पर बड़ा हमला किया। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर जबरदस्त हमला किया। हिजबुल्लाह ने हमास का समर्थन करते हुए इजरायल पर भी हमले शुरू कर दिए। इसके बाद इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया और उसके कई टॉप कमांडरों को मार गिराया।
इजरायल ने हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को भी मार गिराया और दक्षिणी लेबनान में उसके कई कमांड सेंटर तबाह कर दिए। अब तक सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकियों की मौत हो चुकी है। हिजबुल्लाह एक ईरान समर्थित लेबनानी शिया आतंकवादी संगठन है, जो लंबे समय से इजरायल के खिलाफ हमलों में शामिल रहा है। इजरायल की यह कार्रवाई दिखाती है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए आतंक के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...