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इन्हीं हरकतों से कांग्रेस पार्टी चुनाव हारती है… जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखा, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने लिखा कि इन गड़बड़ियों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाया गया। उनके इस लेख के सामने आते ही राजनीति में हलचल मच गई।

राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका लेख हार की निराशा से भरा हुआ है और झूठा नैरेटिव गढ़ने की एक कोशिश है। जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, “राहुल गांधी का लेख उनकी लगातार हार की वजह से पैदा हुई हताशा का नतीजा है। वह झूठी कहानियां बनाकर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।”

उन्होंने राहुल के रवैये को पांच स्टेप्स में समझाया:
1. राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस हर चुनाव हारती है।
2. वे हार के बाद आत्मनिरीक्षण करने की बजाय साजिश के आरोप लगाते हैं।
3. वे तथ्यों और आंकड़ों को नजरअंदाज करते हैं।
4. बिना सबूत के संस्थाओं को बदनाम करते हैं।
5. सच्चाई की जगह सुर्खियां पाने की कोशिश करते हैं।

जेपी नड्डा ने आगे कहा कि बिहार चुनाव में हार की आशंका के कारण राहुल गांधी जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। लोकतंत्र को झूठ और नाटक की नहीं, सच्चाई की जरूरत है।

फडणवीस- धर्मेंद्र प्रधान ने घेरा 
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब तक राहुल गांधी राजनीति को गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक कांग्रेस सिर्फ आरोपों और भ्रम में उलझी रहेगी। उन्होंने कहा, “झूठ बोलने से जीत नहीं मिलती।” केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी रणनीति है, चुनाव हारने के बाद साजिश की बातें करना, संस्थाओं पर सवाल उठाना और खुद को पीड़ित दिखाना। उन्होंने कहा, “भारत का लोकतंत्र किसी एक परिवार की असुरक्षा से कमजोर नहीं होगा।”

जीते तो ठीक, लेकिन हारें तो साजिश: अमित मालवीय
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का असली मकसद देश में भ्रम फैलाना है। उन्होंने लिखा, “जब कांग्रेस जीतती है तो उसे चुनाव प्रक्रिया ठीक लगती है, लेकिन हारते ही वह साजिश का हवाला देने लगती है।” उन्होंने राहुल की रणनीति को ‘जॉर्ज सोरोस की योजना’ जैसा बताया, जिसमें जनता का भरोसा तोड़कर राजनीति की जाती है।

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