नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुई विमान दुर्घटना में जामनगर के एक दंपति की मौत हो गई। दुर्भाग्यवश, दंपति ने लंदन में हुए एक विमान हादसे में पहले अपना बेटा खो दिया था। लंदन में रहने वाले शैलेशभाई परमार और उनकी पत्नी नेहलबेन परमार की अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मौत हो गई। कुछ समय पहले उनके बेटे हित की भी एक अलग विमान दुर्घटना में जान चली गई थी।
शैलेशभाई और नेहलबेन जामनगर के पंचवटी इलाके में नेहलबेन के कैंसर पीड़ित पिता से मिलने आए थे। दोनों ने प्रेम विवाह किया था और बेहद सादगी भरा जीवन जीते थे। शैलेशभाई जामनगर के डीकेवी कॉलेज में प्रोफेसर रह चुके थे। उनकी आध्यात्मिकता और कृष्ण भक्ति की चर्चा हर कोई करता है।
‘इतने आध्यात्मिक लोग मैंने पहले नहीं देखे’
जामनगर के माधव डेंटल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मेहुल खाखरिया ने बताया, ‘पांच-छह दिन पहले ही शैलेशभाई और नेहलबेन मेरे अस्पताल में दांतों का इलाज करवाने आए थे। इतने सरल और आध्यात्मिक लोग मैंने पहले नहीं देखे।‘ डॉ. खाखरिया ने बताया कि दंपति ने उनके स्टाफ के साथ फोटो खिंचवाए, हरि बोल का जयकारा लगाया और लंदन आने का न्योता भी दिया। उनके चेहरे पर गजब का तेज था। वे भगवान के दूत जैसे लगते थे।‘
इस खबर ने मुझे सदमे में डाल दिया, पूरी रात नींद नहीं आई
उन्होंने कहा, ‘‘शैलेशभाई एविएशन और हेलिकॉप्टर सेफ्टी से जुड़े थे और कई देशों की यात्रा कर चुके थे। इलाज के बाद उनकी फ्लाइट का शेडय़ूल तय था, जिसके लिए अस्पताल ने पहले ही उनका ट्रीटमेंट पूरा कर लिया था।’’ इस दंपति का बेटा हित कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण ले रहा था। कुछ समय पहले लंदन में उसकी आखिरी प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के कारण विमान हादसे में उसकी भी मौत हो गई थी। अब माता-पिता की भी उसी तरह की त्रासदी में जान चली गई। डॉ. खाखरिया ने कहा, ‘इस खबर ने मुझे सदमे में डाल दिया। पूरी रात नींद नहीं आई। मैंने उनके रिश्तेदारों से बात की, लेकिन विश्वास ही नहीं हो रहा।‘

