
नेशनल डेस्क: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह जस्टिस बी.आर. गवई देश के 52वें चीफ जस्टिस बनेंगे। मौजूदा CJI ने उनकी नियुक्ति के लिए कानून मंत्रालय को सिफारिश भेज दी है। जस्टिस गवई 14 मई 2025 को सीजेआई पद की शपथ लेंगे।
अनुसूचित जाति से आने वाले दूसरे CJI
जस्टिस बी.आर. गवई अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आने वाले दूसरे चीफ जस्टिस होंगे। उनसे पहले जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन इस पद पर रह चुके हैं। यह सामाजिक दृष्टि से एक अहम और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
6 महीने का कार्यकाल
जस्टिस गवई का कार्यकाल करीब 6 महीने का होगा। वे नवंबर 2025 में रिटायर हो जाएंगे।
जस्टिस गवई का सफर
– जस्टिस बी.आर. गवई महाराष्ट्र के अमरावती से हैं।
– उन्होंने 1985 में वकालत शुरू की थी और मशहूर वकील राजा भोंसले के साथ काम किया।
– वे 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते रहे।
– 1992 में वे बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बने।
– 2003 में वे हाईकोर्ट के एडिशनल जज नियुक्त हुए।
– 2019 में उनका चयन सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर हुआ।
बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
पिछले साल जस्टिस गवई ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि कानून के अनुसार ही कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान को न्यायिक संतुलन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के रूप में देखा गया।