नई दिल्ली। हिमाचल के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत गुरुवार को दिल्ली पहुंची। कुछ दिनों पहले उन्होंने किसान आंदोलन पर विवादित बयान दिया था। विवाद बढ़ता और मामले की संवेदनशीलता देख भाजपा ने उनके बयान से खुद को अलग कर लिया और उन्हें इस तरह के बयान न देने की हिदायत भी दी। बताया जा रहा है कि इस बयान के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया गया। दिल्ली में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को ही भाजपा ने बयान जारी कर किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनौत के बयान से किनारा कर लिया था। भाजपा ने सोमवार को ही कंगना रनौत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था, ‘भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में दिया गया बयान, पार्टी का मत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है।
पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें। भारतीय जनता पार्टी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए कृत संकल्पित है।‘
आपको बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनौत द्वारा दिए गए बयान को कांग्रेस समेत तमाम विरोधी दल बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। भाजपा द्वारा कंगना रनौत के बयान से किनारा कर लेने के बावजूद विपक्षी दल इस मुद्दे को लगातार उठाकर भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं।
हरियाणा के विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। यही वजह है कि भाजपा ने सोमवार को ही बयान जारी कर अपनी सांसद के बयान से किनारा कर लिया था और आज अपने बयान पर सफाई देने के लिए कंगना रनौत जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंची हैं।

