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Chief Election Commissioner से मिले केजरीवाल, बोले- प्रवेश वर्मा के घर तुरंत रेड की जाए

Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal

Kejriwal met Chief Election Commissioner ; नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं। इस चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से मुलाकात की और बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रवेश वर्मा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और महिलाओं को खुले में 1100 रुपये बांट रहे हैं।

केजरीवाल ने की शिकायत और कार्रवाई की मांग

बता दें कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखित शिकायत भेजी और कहा कि प्रवेश वर्मा के घर पर तुरंत रेड डाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्मा नौकरियों का झांसा देकर वोट मांग रहे हैं, जो आचार संहिता के खिलाफ है। इसके अलावा, केजरीवाल ने दिल्ली के डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर (DEO) को तुरंत सस्पेंड और ट्रांसफर करने की मांग की।

प्रवेश वर्मा का पलटवार: केजरीवाल पर साधा निशाना

वहीं इस मामले में बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि इस बार दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल को जाटों की चिंता होती, तो वह चुनाव के ठीक 25 दिन पहले जाटों के मुद्दे पर बयान नहीं देते। वर्मा ने यह भी कहा कि केजरीवाल वही नेता हैं जिन्होंने दिल्ली के गांवों में लोगों को बदबू करने वाला बताया था और कभी भी दिल्ली के गांवों में नहीं गए।

ग्रामीण दिल्ली में ‘आप‘ के खिलाफ गुस्सा

इसके साथ ही बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने कहा कि सिर्फ जाट ही नहीं, बल्कि गुज्जर, यादव, त्यागी और राजपूत समुदाय भी इस बार आम आदमी पार्टी के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ये सभी समुदाय एक स्वर में कह रहे हैं कि अब ‘आप’ की सरकार को उखाड़ फेंकना है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ी से जारी है। जहां अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के प्रवेश वर्मा पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, वहीं प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल और उनकी पार्टी के खिलाफ तीखे शब्दों में हमला किया है। राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं, और आरोप-प्रत्यारोप की यह प्रतिस्पर्धा आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।

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