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‘औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद शहर का नाम अब रत्नापुर रखा जाएगा’, फडणवीस सरकार के मंत्री का ऐलान

Fadnavis attack on Shiv Sena (UBT)-MNS alliance

Fadnavis attack on Shiv Sena (UBT)-MNS alliance

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर चल रहे विवाद के बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने खुल्ताबाद शहर का नाम बदलने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मुग़ल बादशाह औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद का नाम अब रत्नापुर रखा जाएगा।

क्या है विवाद?
महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट और कुछ अन्य दक्षिणपंथी नेताओं का कहना है कि औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में नहीं होनी चाहिए। वे औरंगजेब के खिलाफ विरोध जता रहे हैं और चाहते हैं कि उसकी कब्र को हटाया जाए। खुल्ताबाद शहर में औरंगजेब, उसके बेटे आजम शाह, निजाम आसफ जाह और कई अन्य मुग़ल शासकों की कब्रें स्थित हैं।

शिरसाट का बयान
शिरसाट ने पिछले महीने कहा था कि “औरंगजेब को छत्रपति संभाजी महाराज को अत्याचार करने के बाद मारने वाले क्रूर सम्राट के रूप में जाना जाता है, और उसकी कब्र के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है।” उन्होंने कहा कि खुल्ताबाद पहले रत्नापुर के नाम से जाना जाता था, जिसे औरंगजेब के शासनकाल में बदल दिया गया था। शिरसाट ने आगे कहा कि राज्य सरकार खुल्ताबाद का नाम बदलकर रत्नापुर रखने जा रही है, जैसे कि औरंगाबाद और अन्य स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है।

इम्तियाज जलील का जवाब
इस घोषणा पर ओवैसी की पार्टी AIMIM के नेता इम्तियाज जलील ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महायुति के नेताओं के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है, इसलिए वे शहरों का नाम बदलने में समय और ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं। जलील ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों को हल कर लिया है? उन्होंने औरंगाबाद, उस्मानाबाद और धाराशिव के हाल ही में हुए नाम परिवर्तन का भी जिक्र किया। इस विवादित मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों के बीच तीखी बहस जारी है।

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