नेशनल डेस्क: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल के खिलाफ हो रहे विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ दलों और संगठनों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस बिल के बारे में गलत जानकारी फैलाकर समाज को गुमराह कर रहे हैं। रिजिजू ने उन सभी से आग्रह किया कि वे बिना समझे कुछ भी न बोलें और इस बिल को ध्यान से पढ़ें, फिर अपनी बात रखें।
झूठ बोलकर समाज को भ्रमित मत करें: रिजिजू
रिजिजू ने सोमवार को वक्फ बिल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कुछ राजनीतिक दल और संगठन वक्फ बिल को लेकर झूठ फैला रहे हैं। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अगर आपको इस बिल पर कुछ कहना है तो पहले इसे पढ़ें और तर्क के साथ अपनी बात रखें। झूठ बोलकर समाज को भ्रमित मत करें।”
बिल को संसद में पेश करने की तैयारी पूरी हो चुकी
उन्होंने यह भी बताया कि वक्फ बिल को संसद में पेश करने की तैयारी पूरी हो चुकी है, और जल्द ही इसे लाया जाएगा। रिजिजू ने यह भी कहा कि कुछ संगठनों द्वारा ईद के मौके पर नमाज के दौरान पट्टी बांधने की बात करना और मस्जिदों, कब्रिस्तानों या मुस्लिम संपत्तियों के छिनने की झूठी अफवाहें फैलाना गलत है। इन संगठनों की पहचान की जा चुकी है, और इन्हें इसे लेकर जवाब देना पड़ेगा।
वक्फ अधिनियम को असंवैधानिक कहना गलत
रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ अधिनियम को असंवैधानिक कहना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा, “हम किसी की जमीन कैसे छीन सकते हैं? यह सबसे बड़ा झूठ है।” उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे उन लोगों की पहचान करें जो इस तरह की गलत जानकारी फैला रहे हैं।
बजट सत्र को बढ़ा सकते हैं
रिजिजू ने कहा कि अगर किसी को वक्फ बिल पर आपत्ति है, तो उसे संसद में चर्चा के लिए उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो बजट सत्र को बढ़ाया जा सकता है, ताकि इस पर विस्तार से चर्चा हो सके।” उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल पर जितनी चर्चा हो रही है, उतनी किसी और बिल पर नहीं हुई है। जिजू ने आगे कहा कि यदि किसी को वक्फ बिल का विरोध करना है, तो उसे तर्क और तथ्यों के साथ विरोध करना चाहिए, न कि झूठ बोलकर।