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‘संसदीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत’, किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया

September 15, 2025

‘संसदीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत’, किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर दिए गए फैसले का स्वागत किया। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे अधिनियम पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कुछ प्रावधानों पर अस्थाई रोक लगा दी।

संसद के अधिकार को चुनौती नहीं दी जा सकती: रिजिजू

रिजिजू, जो अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री भी हैं, ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देश के संसदीय लोकतंत्र और संस्थाओं में लोगों के विश्वास को बढ़ाता है। उन्होंने इसे “हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत” बताया। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम पर संसद के दोनों सदनों में अच्छी और व्यापक बहस हुई है। उन्होंने कहा, “किसी भी कानून को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन संसद के अधिकार को चुनौती नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को स्वीकार किया है।”

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि संशोधित वक्फ कानून से गरीब मुसलमानों, खासकर महिलाओं, बच्चों और अनाथों को सीधे लाभ मिलेगा। यह कानून वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करेगा, जो पहले एक समस्या रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने खास प्रावधानों पर रोक लगाई 

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ खास प्रावधानों पर रोक लगाई है, जैसे कि वक्फ बनाने वाले के लिए इस्लाम का पांच साल तक अनुयायी होना जरूरी है या नहीं, इस प्रावधान पर तब तक रोक रहेगी जब तक नियम नहीं बन जाते कि किसी व्यक्ति को इस्लाम का अनुयायी माना जाएगा। साथ ही कोर्ट ने कलेक्टर को यह अधिकार नहीं दिया कि वह तय करे कि किसी वक्फ संपत्ति ने सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण किया है या नहीं, क्योंकि इससे नागरिकों के अधिकारों का हनन हो सकता है।

5 अप्रैल को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद बना कानून 

वक्फ (संशोधन) अधिनियम को अप्रैल में संसद के दोनों सदनों में मंजूरी मिली और 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून बन गया। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि सरकार उन प्रावधानों पर भी विचार करेगी जिन पर कोर्ट ने रोक लगाई है ताकि सभी समुदायों के लिए न्याय और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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