नेशनल डेस्क: कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। यह घटना बुधवार को कॉलेज के अंदर हुई। मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कॉलेज का सुरक्षा गार्ड भी शामिल है।
कोलकाता पुलिस ने शनिवार को कॉलेज के गार्ड पिनाकी बनर्जी (55) को गिरफ्तार किया। इससे पहले, पुलिस ने तीन और आरोपियों को पकड़ा था, मोनोजीत मिश्रा (31), जैब अहमद (19) और प्रमित मुखोपाध्याय (20)। ये तीनों या तो कॉलेज के पूर्व छात्र हैं या पहले वहां कर्मचारी रह चुके हैं। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पीड़िता का न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया है। वहीं मेडिकल रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
NCW ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस गंभीर मामले को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी तुरंत संज्ञान लिया। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जल्दी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पीड़िता को चिकित्सकीय, मनोवैज्ञानिक और कानूनी सहायता देने की भी मांग की है। साथ ही, राहतकर ने पीड़िता को BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 396 के तहत मुआवजा दिलाने की अपील की है।
भाजपा ने मांगा सीएम ममता बनर्जी का इस्तीफा
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल मच गई है। विपक्षी भाजपा के विधायक शंकर घोष ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, “यह घटना दिखाती है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध किस हद तक बढ़ चुके हैं। सीएम ममता बनर्जी की लापरवाह रवैया ही इन अपराधों को बढ़ावा देता है।”
पीड़िता और परिवार को मिल रही धमकियां
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता और उसके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं, जिससे साफ है कि आरोपी खुद को सत्ता के संरक्षण में सुरक्षित मानते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की हालत बेहद चिंताजनक है।

