
नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं अब घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही हैं। दिलीप घोष की यह टिप्पणी कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में हुई कथित गैंगरेप की घटना के बाद सामने आई, जिसने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे: दिलीप घोष
घोष ने कहा, “ममता बनर्जी को राज्य में हो रही ऐसी घटनाएं दिखाई ही नहीं देतीं। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं। कम से कम टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) को इन घटनाओं की निंदा तो करनी चाहिए।”
कल्याण बनर्जी को शर्म आनी चाहिए
दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था, “अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ रेप करता है तो क्या किया जा सकता है?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा, “उन्हें शर्म आनी चाहिए। वो वरिष्ठ नेता हैं, वकील हैं। उन्हें ऐसी घटनाओं के खिलाफ लोगों को आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित करना चाहिए, न कि ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयान देने चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के कस्बा इलाके में एक सरकारी लॉ कॉलेज के अंदर बुधवार को एक छात्रा के साथ कथित रूप से गैंगरेप किया गया। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी, मोनोजीत मिश्रा (31), जैब अहमद (19) और प्रमित मुखोपाध्याय (20), इसी कॉलेज के पूर्व छात्र या कर्मचारी बताए जा रहे हैं। अब पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया है और पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
संविधान को लेकर भी बयान
दिलीप घोष ने आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले की उस टिप्पणी का समर्थन किया जिसमें उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में “समाजवादी” और “धर्मनिरपेक्ष” शब्दों को हटाने की बात कही थी। घोष ने कहा, “संविधान में ये शब्द शुरू में नहीं थे। इन्हें बाद में जोड़ा गया। जब सही समय आएगा, इन्हें हटा दिया जाएगा, क्योंकि ये हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं।” उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इसने 50 साल पहले संविधान का अपमान किया और लोकतंत्र के नाम पर नौकरशाही चलाने का काम किया।