बिहार डेस्क : लैंड फॉर जॉब यानी जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में कोर्ट ने लालू यादव के पूरे परिवार को बड़ा झटका दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए लालू यादव और उनके बेटा-बेटी समेत सभी आरोपियों को समन भेजा है। बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव और कुछ अन्य लोगों को समन जारी किया है, जिसका मतलब है कि इन सभी को अदालत के सामने पेश होना होगा। इस मामले की जांच भारत की केंद्रीय एजेंसी सीबीआई कर रही है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
क्या है यह घोटाला?
आपको बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाला एक ऐसा मामला है जिसमें आरोप है कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप डी के कर्मचारियों की नियुक्ति के बदले में लोगों से जमीन ली गई। यह घोटाला विशेष रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। इस मामले में कुल 78 लोग आरोपी हैं, जिनमें से 30 सरकारी कर्मचारी हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी नौकरी पाने के बदले लालू यादव के परिवार और उनके सहयोगियों के नाम जमीनें देने के लिए मजबूर थे।
सीबीआई ने कब मामला दर्ज किया?
सीबीआई ने इस घोटाले की जांच मई 2022 में शुरू की थी और बाद में लालू यादव, उनकी पत्नी, दोनों बेटियां और कई सरकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया। कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव के परिवार के कुछ सदस्यों, जैसे कि हेमा और तेज प्रताप यादव, को भी समन जारी किया है। अदालत ने इन सभी को 11 मार्च को पेश होने का आदेश दिया है।
चार्जशीट और आरोपपत्र
इस मामले में सीबीआई ने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोपपत्र) दाखिल किया है, जिसके बाद दिल्ली की कोर्ट ने इसे संज्ञान में लिया और अब मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है। लैंड फॉर जॉब घोटाला एक बड़ा मामला है, जिसमें आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में नौकरी के बदले जमीनों की हेरफेर की गई। अब मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और अदालत ने इन लोगों को पेश होने का आदेश दिया है।

