
नेशनल डेस्क: देश में रेप के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और बिल्कुल भी थमने का नाम नहीं ले रहे। आए दिन किसी न किसी राज्य से इससे जुड़ी कई खबरें सामने आती है। ताजा मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया, जहां लॉ स्टूडेंट के साथ गैंगरेप हुआ। 25 जून की रात को शाम 7.30 बजे से 10.50 बजे के बीच कॉलेज कैंपस में छात्रा के साथ यह घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में कॉलेज के दो मौजूदा छात्र और एक पूर्व छात्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुझे जाने दो, मैं उसके सामने रोई
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया, ”मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा ने मुझे शादी के लिए शादी के लिए प्रपोज किया लेकिन मैंने उसे मना कर दिया। मैंने कहा कि मैं रिलेशनशिप में हूं और अपने बॉयफ्रेंड से प्रेम करती हूं। मैं उसके सामने रोई और गिड़गिड़ाई… मुझे जाने दो। लेकिन वो नहीं माना। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान मुझे घबराहट होने लगी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। मैंने उनसे अस्पताल ले जाने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मेरी मदद नहीं की।”
कमरे में ले गए, मेरे कपड़े उतारे: पीड़िता
पीड़िता ने कहा, ”फिर वो मुझे जबरदस्ती गार्ड के कमरे में ले गए। मेरे कपड़े उतारे और जबरदस्ती मेरे साथ रेप करना शुरू कर दिया। मेरा वीडियो रिकॉर्ड किया गया, मुझे धमकाया गया कि अगर मैंने सहयोग नहीं किया तो वे इस वीडियो को वायरल कर देंगे। जब मैंने कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की तो मुझे हॉकी स्टिक से मारा। मुझे इंसाफ चाहिए।”
माता-पिता को गिरफ्तार कर लेंगे, मुझे धमकाया गया
पीड़िता ने बताया कि मुझे धमकी दी कि वह मेरे दोस्त (बॉयफ्रेंड) को मार देंगे और मेरे माता-पिता को गिरफ्तार कर लेंगे। पीड़िता 25 जून को एग्जाम फॉर्म भरने के लिए कॉलेज कैंपस पहुंची। जब वह कॉलेज के यूनियन रूम में जाकर बैठी थी, तभी मुख्य आरोपी ने उसे पकड़ लिया, कॉलेज का मेन गेट बंद कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, सुरक्षा गार्ड के कमरे में रेप किया गया। गार्ड असहाय था और उसने मेरी मदद नहीं की। इस घटना में दो अन्य लड़कों ने मुख्य आरोपी की मदद की।
10 जुलाई तक पुलिस हिरासत में आरोपी
बता दें कि पुलिस में दर्ज हुई एफआईआर के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी का नाम मोनोजीत मिश्रा (31 वर्ष) है जोकि कॉलेज का पूर्व छात्र है। वह तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के यूनिट का अध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा, दो अन्य आरोपी जैब अहमद (19 वर्ष) और प्रमित मुखर्जी (20 वर्ष) का नाम भी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।