
नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, भारत-पाक संबंध, सिंधु जल संधि और कांग्रेस की विदेश नीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “कुछ लोग इतिहास से असहज हैं और सच्चाई छिपाना चाहते हैं।”
जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच कॉल को लेकर विपक्ष के आरोपों पर साफ कहा, “कान खोलकर सुन लें, 22 अप्रैल से 16 जून तक ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक भी फोन कॉल नहीं हुआ।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत की नीति किसी भी मध्यस्थता को पूरी तरह खारिज करती है, खासकर पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर। भारत का रुख साफ है, पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी, वह भी केवल डीजीएमओ (सेना के संचालन महानिदेशक) के माध्यम से।
#WATCH | Delhi | On communication with the US during Operation Sindoor, EAM Dr S Jaishankar says, “… On May 9, US Vice President Vance called up the Prime Minister to warn him that a Pakistani attack would come in the next few hours. PM made it very clear that if anything… pic.twitter.com/EZcblk94e8
— ANI (@ANI) July 30, 2025
जयशंकर ने बताया कि जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो कई देशों ने भारत से संपर्क कर हालात जानने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “हमने सभी देशों को एक ही संदेश दिया। यह हमारा आंतरिक मामला है। पाकिस्तान से कोई अनुरोध केवल डीजीएमओ के जरिए ही माना जाएगा। हम पाकिस्तानी हमले का जवाब दे रहे हैं और देते रहेंगे।”
जयशंकर ने 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना की। उन्होंने कहा, “यह दुनिया की सबसे अजीब संधियों में से एक है, जिसमें एक देश ने बिना अधिकार के अपनी मुख्य नदियों का पानी दूसरे देश को दे दिया।” उन्होंने 30 नवंबर 1960 को संसद में दिए नेहरू के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि नेहरू ने संधि के फैसले में पंजाब, कश्मीर, राजस्थान या गुजरात के किसानों का कोई जिक्र नहीं किया, जबकि पानी का सीधा असर इन राज्यों पर होता है।

जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 और सिंधु जल संधि जैसे मामलों में नेहरू की ऐतिहासिक गलतियों को ठीक किया है। उन्होंने कहा, “आज की सरकार ऐतिहासिक भूलों को सुधारने का काम कर रही है, चाहे वो जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना हो या पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति को लेकर दोबारा सोचना।”
जयशंकर ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसा कि जब ऐतिहासिक तथ्य सामने आते हैं, तो वे असहज हो जाते हैं और बहस से बचने की कोशिश करते हैं। “कुछ लोग इतिहास से भागना चाहते हैं क्योंकि वो उन्हें शोभा नहीं देता।”
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