Last Updated: September 21, 2026

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मराठा आरक्षण देने को तैयार हुई महाराष्ट्र सरकार, मनोज जरांगे बोले- हम जीत गए

September 2, 2025

मराठा आरक्षण देने को तैयार हुई महाराष्ट्र सरकार, मनोज जरांगे बोले- हम जीत गए

नेशनल डेस्क: मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे और अन्य लोगों की बड़ी जीत हुई है। महाराष्ट्र सरकार ने “हैदराबाद गजट” जारी कर मराठा समाज को ‘कुनबी’ जाति में शामिल करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में पहले से ही कुनबी जाति ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के तहत आती है। अब मराठा समाज को भी इस वर्ग में शामिल करने के बाद उन्हें आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

मनोज जरांगे ने सरकार से शर्त रखी थी कि मराठा समाज को कुनबी जाति में शामिल किया जाए तभी वह अपना आमरण अनशन खत्म करेंगे। अब सरकार ने गजट जारी कर यह मांग मान ली है। इसके बाद जरांगे ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की और कहा कि वे रात नौ बजे मुंबई छोड़ देंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी आजाद मैदान खाली करने की सख्त हिदायत दी थी।

मनोज जरांगे का संघर्ष

मनोज जरांगे ने 2021 से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन किए। 2021 में पिंपलगांव में 90 दिन तक चले आंदोलन के बाद भी वे नहीं रुके। 2023 में जालना में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया और कई बार भूख हड़ताल (आमरण अनशन) भी की। 2023 से 2025 के बीच उन्होंने मराठवाड़ा और मुंबई में कुल सात बार भूख हड़ताल की। उनकी मेहनत और संघर्ष के कारण यह बड़ी सफलता मिली है।

महाराष्ट्र में आरक्षण का विभाजन

महाराष्ट्र में सामान्य वर्ग के लोगों को ज्यादा आरक्षण नहीं मिलता है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 19% आरक्षण मिलता है। अनुसूचित जाति (SC/SC-Buddhist) को 13% आरक्षण मिलता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10%, सामाजिक/शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग (SEBC) को 10%, अनुसूचित जनजाति (ST) को 7%, घुमंतू जनजाति 2 (NT-C) को 3.5%, विमुक्त जाति (VJNT-A) को 3% घुमंतू जनजाति 3 (NT-D) को 2% आरक्षण मिलता है। अब मराठा समाज को कुनबी जाति में शामिल कर इन्हीं आरक्षणों का लाभ मिलेगा। यह फैसला मराठा समाज के लिए नई उम्मीद लेकर आया है और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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