यरूशलम: इजरायल में खसरे का प्रकोप तेज हो गया है, और अब तक 48 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 20 अप्रैल को पहले मामले के सामने आने के बाद से संक्रमण की संख्या लगातार बढ़ी है, जिसमें सबसे ज्यादा असर उन बच्चों पर पड़ा है जो खसरे के टीके से वंचित रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार तक 16 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या 48 तक पहुंच गई है। इनमें से 40 मरीजों की उम्र 18 साल से कम है और इनमें से किसी को भी पूरी तरह से खसरे का टीका नहीं लगाया गया था। वर्तमान में, 11 नाबालिग और दो वयस्क अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बच्चों को गहन देखभाल में रखा गया है।
इजरायल में खसरे के प्रकोप ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि टीकाकरण की महत्ता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी की गई चेतावनियों और टीकाकरण कार्यक्रम से उम्मीद है कि इस संक्रमण को जल्दी नियंत्रित किया जा सकेगा। नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए, टीकाकरण की स्थिति की जांच करानी चाहिए और सभी स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि खसरे के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके।
-स्वास्थ्य अधिकारियों ने आपात बैठकें आयोजित कीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अधिकांश नए मामलों में संक्रमण का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं पाया गया, जिससे अधिकारियों को चिंतित कर दिया है। इस अप्रत्याशित रूप से तेजी से फैल रहे प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए, मंत्रालय ने आपातकालीन बैठकें आयोजित कीं और मामलों पर कड़ी नजर रखने का फैसला लिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “यह बीमारी अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक व्यापक हो चुकी है, जो दिखाता है कि खसरा सिर्फ रिपोर्ट किए गए मामलों से कहीं अधिक तेजी से फैल रहा है।”
-टीकाकरण अभियान में तेजी
इजरायल में खसरे के बढ़ते मामलों के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने तुरंत टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है। मंत्रालय ने उन समुदायों को प्राथमिकता दी है जिनकी टीकाकरण दर कम है। इसके साथ ही, खसरे के लिए नियमित टीकाकरण दिशा-निर्देशों को भी अपडेट किया गया है।
इजरायल के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत, बच्चों को खसरे की दो खुराक दी जाती हैं – पहली खुराक 12 महीने की उम्र में और दूसरी खुराक 6 साल की उम्र में। हालांकि, मंत्रालय ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पहली खुराक के तुरंत बाद दूसरी खुराक देने की सलाह दी है।
-टीकाकरण और सार्वजनिक सुरक्षा की दिशा में सावधानी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों से परीक्षण करवाने की अपील की है। साथ ही, मंत्रालय ने सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके। मंत्रालय ने विदेश यात्रा करने वाले नागरिकों को भी अपने टीकाकरण की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है, ताकि वे खसरे के संक्रमण से बच सकें।
-खसरे के लक्षण और गंभीरता
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो आम तौर पर बुखार, थकान, नाक बहना और शरीर पर एक विशिष्ट दाने का कारण बनती है। हालांकि, कुछ मामलों में यह बीमारी गंभीर या जानलेवा जटिलताओं का कारण भी बन सकती है। इसकी गंभीरता के चलते, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर एक जागरूकता अभियान चलाया है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने बच्चों का टीकाकरण करवा सकें और इस खतरनाक बीमारी से बच सकें।
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