Last Updated: October 16, 2026

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मौसम विभाग ने दी चक्रवाती तूफान की चेतावनी…100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, सतर्क रहने की सलाह

October 21, 2024

मौसम विभाग ने दी चक्रवाती तूफान की चेतावनी…100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, सतर्क रहने की सलाह
भुवनेश्वर : बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र सोमवार को और मजबूत हो गया और 23 अक्टूबर तक इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है जो ओडिशा के पुरी तथा पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप के बीच से गुजरेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नवीनतम संदेश में कहा है: .. मौसम की यह प्रणाली अपनी गति जारी रखते हुए 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर की सुबह के समय एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पुरी और सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार कर सकती है, जिसकी हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा से लेकर 120 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया है तथा सोमवार को पूर्वाह्न् 11:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य क्षेत्र के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव वाले क्षेत्र के रूप में स्थित था। आईएमडी ने कहा, कि इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने तथा 22 अक्टूबर की सुबह तक दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने तथा 23 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की पूरी संभावना है। इसके बाद, इसके उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने तथा 24 अक्टूबर की सुबह तक ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के पास उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की पूरी आशंका है।
आईएमडी ने मछुआरों को सोमवार शाम तक किनारे पर लौट आने और 26 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को कहा कि चक्रवाती तूफान का सबसे ज़्यादा असर ओडिशा पर पड़ने की संभावना है। चक्रवात ओडिशा तट पर ज़्यादा समय तक रहेगा, जिससे भारी से बहुत भारी बारिश होगी और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम एजेंसी ने 23 अक्टूबर को ओडिशा में अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान लगाया है। 24-25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है।
भुवनेश्वर के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि आईएमडी ने अभी तक चक्रवात के संभावित स्थान का खुलासा नहीं किया है, हालांकि इसके संभावित मार्ग का ग्राफ्रिक जारी किया गया है, जिससे संकेत मिलता है एक गंभीर चक्रवाती तूफान उत्तरी ओडिशा तट को प्रभावित कर सकता है। आईएमडी ने 24 अक्टूबर को पुरी, खुर्दा, गंजम और जगतसिंहपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (सात से 20 सेमी) और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
भद्रक, बालासोर, जाजपुर, अंगुल, ढेंकनाल, बौध, कालाहांडी, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (सात से 11 सेमी) की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये रंग और इनके संदेश.. ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत) हैं। ‘यलो अलर्ट’ खराब मौसम और स्थिति के बिगड़ने की संभावना को दर्शाता है, जिससे जन-जीवन प्रभावित हो सकता है।
आईएमडी ने कहा कि 23 अक्टूबर की शाम से ओडिशा तट के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में 40-50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने की आशंका है। इस बीच ओडिशा सरकार ने तटीय जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है और उन्हें संवेदनशील स्थानों से लोगों को निकालने सहित हरसंभव उपाय करने का निर्देश दिया है।

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