नेशनल डेस्क। इंदौर से शिलांग हनीमून पर गए दंपति राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. परिजनों ने राजा के एक्टिवा की 23 मई की जीपीएस लोकेशन सार्वजनिक की है, जिससे घटना की टाइमलाइन और अधिक स्पष्ट होती जा रही है। लेकिन अब यह हनीमून एक रहस्यमयी मामला बन गया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है, लेकिन परिवार वालों की मांग है कि यह केस CBI को सौंपा जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। हाल ही में खबर आई थी कि शिलॉन्ग पुलिस को इस केस में कुछ अहम सुराग मिले हैं। इसी बीच एक नई जानकारी सामने आई है, जिससे यह मामला और उलझ गया है।
सोनम और राजा को 3 अन्य लोगों के साथ देखा गया
शिलॉन्ग के पास के मावलखियात गांव के एक टूरिस्ट गाइड अल्बर्ट पीडी ने बताया कि उसने 23 मई की सुबह राजा और सोनम को नोंग्रियाट गांव से लौटते देखा था। उनके साथ 3 और टूरिस्ट भी थे। अल्बर्ट ने कहा कि उन्होंने सभी को ट्रैकिंग के रास्ते में देखा था।
अगर वे अंग्रेज़ी में बात करते तो…
अल्बर्ट ने बताया कि वह सुबह 7 बजे गांव के बाहर निकला था। करीब 10 बजे उसने राजा और सोनम को ट्रैक पर देखा। राजा तीन लड़कों के साथ आगे चल रहा था और सोनम थोड़ी पीछे थी। वे लोग ट्रैक का आधा रास्ता तय कर चुके थे। पत्रकारों ने जब अल्बर्ट से पूछा कि क्या उसे कुछ अजीब या संदिग्ध लगा, तो उसने बताया सभी लोग हिंदी में बात कर रहे थे, जो उसे ठीक से समझ नहीं आती। अगर वे अंग्रेज़ी में बात करते तो शायद वह कुछ समझ पाता। लेकिन उनके हावभाव और बातचीत से ऐसा लग रहा था कि वे दोस्त हैं और सामान्य रूप से बात कर रहे थे।
इस गाइड की गवाही से ये तो साफ हो गया है कि 23 मई को सोनम और राजा को आखिरी बार जिंदा देखा गया था। साथ ही उनके साथ कुछ और लोग भी थे, जिनकी पहचान अभी नहीं हुई है। अब यह केस और भी रहस्यमयी हो गया है, और जरूरी है कि जांच और तेज़ हो ताकि सच्चाई सामने आ सके।

