नेशनल डेस्क: भारत सरकार ने पाकिस्तान से बढ़ते तनाव को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार, 7 मई 2025 को देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल (अभ्यास) की जाएगी। यह फैसला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया है। इस मॉक ड्रिल का मकसद आम लोगों को हवाई हमलों से बचाव के तरीके सिखाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग सुरक्षित रह सकें।
मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा:
-हवाई हमले के संकेत देने वाले सायरन बजाए जाएंगे।
-बिजली अचानक बंद कर दी जाएगी (ब्लैकआउट)।
-लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि ऐसे हालात में क्या करना चाहिए।
-सेना के ठिकानों, पावर प्लांट्स और अहम इमारतों को ढकने और सुरक्षित करने का अभ्यास होगा।
-निकासी (evacuation) योजनाओं का परीक्षण और संशोधन किया जाएगा।
किस बात पर दिया जाएगा ध्यान:
-एयर रेड सायरन बजने पर कैसे प्रतिक्रिया दें।
-ब्लैकआउट यानी अंधेरे में कैसे रहें और क्या करें।
-प्राथमिक उपचार (फर्स्ट ऐड) कैसे करें।
-टॉर्च, मोमबत्ती और नकद पैसे घर में तैयार रखना क्यों जरूरी है।
-इलेक्ट्रॉनिक फेलियर यानी बिजली और इंटरनेट बंद हो जाने पर कैसे काम चलाएं।
क्या करने से बचें
-सायरन बजने पर बाहर न निकलें, खिड़कियों के पास न जाएं।
-घर की लाइटें बंद रखें, सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद करें।
-रेडियो या टीवी से सरकारी निर्देश सुनते रहें।
-जब तक सरकार या प्रशासन से सुरक्षित होने की सूचना न मिले, अपने सुरक्षित स्थान को न छोड़ें।
यह मॉक ड्रिल एक एहतियाती कदम है ताकि नागरिकों को किसी भी संकट की स्थिति में घबराने की बजाय समझदारी से काम लेने की ट्रेनिंग दी जा सके।

