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‘दो चुटकी सिंदूर का महत्व आप क्या जानते हैं मोदीजी’, संजय सिंह का भाजपा पर तीखा हमला

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने भाजपा के एक कथित अभियान को “सस्ता राजनीतिक स्टंट” बताते हुए उसकी आलोचना की है। ये विवाद “घर-घर सिंदूर अभियान” को लेकर है, जिसे लेकर संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर कई तीखे सवाल उठाए। संजय सिंह ने कहा, “दो चुटकी सिंदूर का महत्व आप क्या जानते हैं मोदीजी?”

संजय सिंह का आरोप
संजय सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सिंदूर महिलाओं के लिए बहुत भावनात्मक और धार्मिक महत्व रखता है। वे इसे अपने पति की लंबी उम्र और सम्मान के प्रतीक के रूप में लगाती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार “एक राष्ट्र, एक चुनाव” और “एक राष्ट्र, एक नेता” के बाद अब शायद “एक राष्ट्र, एक पति” की शुरुआत कर रही है।

सिंदूर को भाजपा चुनावी हथियार बना रही
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या अब भाजपा चाहती है कि देश की सारी महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी को अपना पति मानें? सिंदूर जैसी भावनात्मक चीज़ को भाजपा चुनावी हथियार बना रही है।” सिंह ने कहा, “क्या आपने इस परंपरा के पीछे की भावनाओं के बारे में सोचा है? क्या आप उन दो चुटकी सिंदूर के महत्व को समझते हैं, मोदीजी?”

भाजपा ने किया खंडन 
दूसरी ओर भाजपा ने मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें यह दावा किया गया कि पार्टी घर-घर जाकर महिलाओं को सिंदूर बांट रही है। भाजपा का कहना है कि ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया गया है।

कांग्रेस और भाजपा के बीच भी जुबानी जंग
इस पूरे मामले में कांग्रेस भी कूद पड़ी है। केरल कांग्रेस इकाई ने एक पोस्टर शेयर किया जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ “एक राष्ट्र, एक पति” लिखा हुआ था। पोस्टर में यह भी दावा किया गया कि 9 जून से एक महीने तक भाजपा सांसद हर दिन 15-20 किलोमीटर पैदल चलकर हर घर में सिंदूर पहुंचाएंगे।

भाजपा का पलटवार
भाजपा कर्नाटक इकाई ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हिंदू परंपराओं का अपमान कर रही है और चुनाव हारने पर ईवीएम को दोष देती है। वहीं कांग्रेस ने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सिंदूर सिर्फ अपनी पत्नी को देना चाहिए, न कि देश की महिलाओं को।

सैन्य कार्रवाई पर भी उठाया सवाल
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब सेना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) तक पहुंचने में सक्षम थी, तब सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में युद्धविराम क्यों स्वीकार किया? उन्होंने पूछा कि भाजपा कार्यकर्ता देश की सुरक्षा पर ध्यान देने की बजाय महिलाओं की भावनाओं से क्यों खेल रहे हैं?

पहलगाम आतंकी हमला
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए, जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली थे। इस हमले के जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बनी।

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