
नेशनल डेस्क। भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पूर्व पत्नी हसीन जहां और उनकी पहली शादी से हुई बेटी अर्शी जहां पर हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई है। हालांकि, इस पर हसीन की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। उनपर पड़ोसी पर हमला करने के आरोप हैं। एक वीडियो के जरिए ऐसा दावा किया जा रहा है, जो जमीन के विवाद को लेकर हुआ। ये मामला पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी का बताया जा रहा है।
झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
एक सोशल मीडिया अकाउंट NCMIndia Council for Men Affair पर हसीन जहां का एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में हसीन जहां अपने पड़ोसियों के साथ लड़ती नजर आ रही हैं। बताया गया कि ये झगड़ा जमीन को लेकर हुआ, जो उनकी बेटी अर्शी जहां के नाम पर है।
यह मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां है।
ऐसा लगता है लड़ना इनकी हॉबी है, पहले पति से लड़कर तलाक लिया
फिर शमी से शादी किया उनसे लड़ कर 10 लाख की एलीमनी की डिमांड कर रही है
अब पड़ोसन से लड़ाई कर रही है और तो और इन पर हत्या की कोशिश का आरोप भी लग गया है pic.twitter.com/oaNTA0GTP5— The News Basket (@thenewsbasket) July 18, 2025
कहां हुआ ये विवाद?
यह घटना पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी इलाके की है। मामला सूरी नगर पालिका के वार्ड नंबर 5 के सोनटोर इलाके से जुड़ा है। बताया गया कि हसीन जहां अपनी बेटी के नाम की जमीन पर निर्माण करवा रही थीं, लेकिन उसी दौरान विवाद शुरू हो गया।
क्या है आरोप?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुड्डू बीबी नाम की एक महिला उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही थी। जब हसीन जहां ने उस जमीन पर निर्माण शुरू किया, तो गुड्डू बीबी ने विरोध किया। आरोप है कि हसीन और उनकी बेटी ने महिला (दलिया खातून) पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
एफआईआर में क्या लिखा गया है?
दलिया खातून नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि हसीन जहां और उनकी बेटी ने उन्हें मारने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास (सेक्शन 307) जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
शमी को देना होगा हर महीने गुजारा भत्ता
हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी को अपनी पूर्व पत्नी और बेटी के लिए हर महीने ₹4 लाख गुजारा भत्ता देना होगा। इसमें हसीन जहां को ₹1.5 लाख व बेटी को ₹2.5 लाख रूपये देने होगा। हसीन जहां ने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने कहा कि ये राशि उनकी मांग से कम है।