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केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों को दी बड़ी सौगात, खरीफ फसल पर MSP 50 % बढ़ाई

नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें किसानों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) में 50% तक बढ़ोतरी, रेलवे और हाईवे परियोजनाओं की मंजूरी और अन्य अहम निर्णय शामिल हैं।

किसानों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी
सरकार ने 2025-26 खरीफ विपणन सत्र के लिए फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10-11 वर्षों में खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए धान का एमएसपी 3% बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

 

इसके अलावा, दालों के एमएसपी में भी बढ़ोतरी की गई है। अरहर का समर्थन मूल्य 450 रुपये बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का एमएसपी 400 रुपये बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति क्विंटल, और मूंग का एमएसपी 86 रुपये बढ़ाकर 8,768 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि नाइजरसीड, रागी, कपास और तिल जैसी फसलों के लिए सबसे अधिक एमएसपी बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय केंद्रीय बजट 2018-19 में किए गए वादे के तहत लिया गया है, जिसमें कहा गया था कि एमएसपी को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना तय किया जाएगा।

किसानों के लिए ब्याज राहत
सरकार ने किसानों के लिए ऋण ब्याज दर में भी राहत दी है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को 15,642 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता दी जाएगी। इसके तहत किसानों को 7% सालाना रियायती ब्याज दर पर तीन लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। बागवानी सहित अन्य फसलों के लिए दो लाख रुपये तक का ऋण भी इसी दर पर मिलेगा।

बड़वेल नेल्लोर फोर-लेन हाईवे की मंजूरी
कैबिनेट ने बड़वेल नेल्लोर फोर-लेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत करीब 3,653 करोड़ रुपये है। यह हाईवे आंध्र प्रदेश के कृष्णापटनम पोर्ट को जोड़ता है और तीन औद्योगिक गलियारों के प्रमुख नोड्स को एक दूसरे से जोड़ने में मदद करेगा।

रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी
इसके अलावा, कैबिनेट ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं, रतलाम-नागदा तीसरी और चौथी लाइन और वर्धा-बल्लारशा चौथी लाइन। इन परियोजनाओं का कुल अनुमानित खर्च 3,399 करोड़ रुपये है। इन रेल लाइनों का कार्य 2029-30 तक पूरा किया जाएगा।

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