यूपी डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। जहां, माफिया डॉन और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे लखनऊ के दारुलशफा इलाके में स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया गया है।
क्यों हुई गिरफ्तारी?
उमर अंसारी की गिरफ्तारी गाजीपुर में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में हुई है। गाजीपुर पुलिस उमर को लखनऊ से हिरासत में लेकर रवाना हो चुकी है। इस मामले की पूरी जानकारी सोमवार को पुलिस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी।
क्या है धोखाधड़ी का मामला?
गाजीपुर पुलिस ने बताया कि मामला मुख्तार अंसारी की जब्त की गई संपत्ति को छुड़ाने से जुड़ा है। मुख्तार अंसारी की संपत्ति को यूपी गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्त किया गया था। उमर अंसारी ने इस संपत्ति को छुड़ाने के लिए न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उसने अपनी मां अफ़सा अंसारी (जो पहले से एक इनामी अपराधी हैं) के फर्जी हस्ताक्षर कर अदालत में दस्तावेज दाखिल किए। पुलिस का आरोप है कि यह सब एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था ताकि अदालत को धोखे में रखकर संपत्ति वापस ली जा सके।
एफआईआर में लगी ये धाराएं
इस धोखाधड़ी के मामले में गाजीपुर के थाना मुहम्मदाबाद में एक एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर का नंबर है 245/2025, और इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) लगाई गई हैं। उमर अंसारी को हिरासत में लेकर अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्तार अंसारी कौन था?
मुख्तार अंसारी एक कुख्यात गैंगस्टर और राजनेता था। वह कई बार यूपी के मऊ जिले से विधायक चुना गया था। उस पर हत्या, अपहरण, फिरौती और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। उसने अपनी एक राजनीतिक पार्टी भी बनाई थी, जिसका नाम था “कौमी एकता दल (QED)”। अब उसकी मौत हो चुकी है और वह इस दुनिया में नहीं है।

