नेशनल डेस्क: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैनिकों का काम नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भी बड़ी भूमिका है। शनिवार को जॉर्जियाई शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 72,000 से ज़्यादा एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) कैडेट्स ने नागरिक सुरक्षा उपायों के लिए स्वेच्छा से काम किया और ज़रूरी सहायता प्रणालियों का नेतृत्व किया।
यूक्रेन युद्ध का जिक्र कर कही ये बात
जनरल द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध ने यह साबित किया है कि जब नागरिक भी अपने देश की रक्षा की ज़िम्मेदारी उठाते हैं, तो उसका असर कितना बड़ा होता है। वहां आम लोग सैनिकों को जानकारी देने, रसद (सप्लाई) पहुंचाने और दुश्मन के खिलाफ खड़े होने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इसी तरह भारत में भी नागरिक और युवा राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण सहयोग कर सकते हैं।
#WATCH | Delhi | COAS Gen Upendra Dwivedi says, “…Citizens are the first information providers to the soldiers… During Operation Sindoor there were more than 72,000 NCC warriors which were spearheading all the support system which was required during Operation Sindoor who… pic.twitter.com/37CEQYFwUm
— ANI (@ANI) September 6, 2025
राष्ट्र निर्माण में भी काम कर रही भारतीय सेना
थल सेनाध्यक्ष ने आगे कहा कि भारतीय सेना केवल सीमा पर सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। सेना ने देशभर में कई जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, वृक्षारोपण, सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और वन्यजीव संरक्षण जैसी परियोजनाएँ शुरू की हैं। उनका कहना था कि इन प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
पूर्व सैनिकों-वीर नारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
जनरल द्विवेदी ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सेना उनके कल्याण और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना न केवल सीमावर्ती राज्यों की रक्षा कर रही है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर विकास और आपदा राहत कार्यों में भी योगदान दे रही है।

